नई द‍िल्‍ली: कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रुपया में गिरावट देखने को म‍िली। जी हां भारतीय मुद्रा में एक बार फिर गिरावट आई है। इस बार गिरावट के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी है। विदेशों में अन्य मुद्राओं के अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग के बीच मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 28 पैसे की गिरावट के साथ 71.88 के स्तर पर आ गया।

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दरअसल दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनियों में शामिल सऊदी अरामको पर ड्रोन हमला हुआ है। इसके कारण कच्चे तेल के सप्लाई में बाधा उतपन्न हो गई है। इसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा है। तेल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी से वहीं सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 68 पैसे टूटकर 71.60 रुपये प्रति डॉलर हो गया।

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इसके साथ ही पहले से आर्थिक सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था पर ऑयल इंपोर्ट बिल का बोझ और बढ़ जाने की उम्मीद है। जानकारी दें कि अरामको के दो फैसिलिटी सेंटरों में शनिवार की सुबह आग लग गई। सऊदी अरब के गृह मंत्री ने ड्रोन हमले के कारण अरामको के फैसिलिटी सेंटर्स पर आग लगने की पुष्टि की थी। इस हमले की जिम्मेदारी हूती विद्रोही संगठन ने ली है। इस हमले के बाद अरामको ने अपने उत्पादन में कमी की है। इस ड्रोन हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर संकट खड़ा हो गया है।

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बता दें कि इस हमले के बाद तेल की वैश्विक आपूर्ति में प्रतिदिन 57 लाख बैरल की कमी आई है। यह मात्रा वैश्विक आपूर्ति की करीब छह फीसद है। अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिर नसीर ने वैश्विक बाजार को आश्वस्त करते हुए कहा है कि वे जल्द ही आपूर्ति को पुराने स्तर पर ले आएंगे। अरामको ने बताया है कि वह अगले करीब दो दिन और अपने उत्पादन को कम रखेगी। कंपनी ने कहा कि ऐसा वह ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचे तेल कुओं की रिपेयरिंग के लिये कर रही है। इस बात से भी अवगत करा दें कि भारत विश्व में कच्चे तेल के बड़े आयतकों में शामिल है। इसके कारण यहां पर इस घटना का प्रभाव पड़ना तय है।