20 सितंबर को गोवा में होने वाली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में कई चीजें सस्ती होने की उम्मीदें हैं। रिर्पोट के अनुसार कार-बाइक और बिस्कुट सहित कई चीजों पर टैक्स घटने की उम्मीद है। तो वहीं होटल, सीमेंट और कपड़ा जैसे क्षेत्र भी जीएसटी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इन सभी सामानों की कीमतें कम हो जाएंगी। इस बार जीएसटी काउंसिल की बैठक में 5 प्रतिशत के बजाय 8 प्रतिशत की दर को टैक्स का सबसे कम स्लैब बनाया जा सकता है।
तो वहीं स्टॉक को मद्देनजर रखते हुए तंबाकू जैसे नशीले पदार्थों पर उपकर बढ़ाकर राजस्व घाटे को आंशिक रुप से कवर करने का प्रयास कर सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार कई क्षेत्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और इसे रिकवर करना आसान नहीं होगा।
यह बात बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने भी हाल ही में ऑटो सेक्टर के बारे में कही है। मारुति के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने यह भी माना कि अस्थायी जीएसटी दर में कटौती से बहुत फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि ईंधन और सड़क में अधिक कर एवं राज्य सरकारों द्वारा पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी से कार खरीदारों पर अधिक बोझ पड़ रहा है।
तो वहीं एक्सपर्ट का यह भी मानना है कि त्योहारी सीजन से पहले सरकार आम जन को कर में कटौती का उपहार दे सकती है।
यस सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के लीड एनालिस्ट प्रलेश जैन ने कहा, 'अगर कारों पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाती है, तो यह निकट समय में मांग पैदा कर सकता है।'
कार निर्माता कंपनियों का कहना है कि इससे गाड़ियों की बिक्री बढ़ेगी, जिससे ऑटो सेक्टर में रौनक लौटेगी। ऑटो कंपनियों को जीएसटी के अलावा 1 से 22 फीसदी का कंपनसेशन सेस भी देना पड़ता है। तो वहीं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हाइब्रिड सहित अन्य वाहनों पर जीएसटी कटौती की अपील की है।
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