नई दिल्‍ली: भारत की दिग्गज बैटरी बनाने वाली कंपनी एवरेडी जल्द ही बिक सकती है। जी हां बैटरी बनाने वाली 100 साल पुरानी दिग्गज कंपनी एवरेडी कर्ज में डूब चुकी है। जानकारी के मुताब‍िक इस कंपनी को अमेरिकी अरबपति वॉरेन बफे के मालिकाना हक वाली कंपनी बर्कशायर हैथवे की इकाई ड्यूरासेल इंक खरीदने जा रही है। फिलहाल दोनों कंपनियों में सहमति बन चुकी है।

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1600 से 1700 में हो सकती है डील

वॉरेन बफे की कंपनी एवरेडी को स्लंप सेल करीब 1600-1700 करोड़ रुपए में खरीदने जा रही है। इस डील को लेकर एवरेडी और ड्यूरासेल इंक के बीच सहमति भी बन गई है। वहीं खबरें ऐसी भी हैं कि एवरेडी इस डील से मिली रकम को अपना कर्ज चुकाने में लगाएगी। बता दें कि एवरेडी हर साल करीब 1.5 अरब बैटरी बनाती है। इसके साथ ही 20 लाख से अधिक फ्लैश लाइट का भी कंपनी निर्माण करती है।

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एवररेडी लंबे वक्त से थी कर्ज में

दूसरी तरफ ये भी बता दें कि इससे पहले देश की कई कंपनियां कर्ज के कारण दम तोड़ चुकी हैं, जिनमें जेट एयरवेज, किंगफीशर एयरलाइंस, रिलायंस टेलिकॉम प्रमुख नाम हैं। एवरेडी कंपनी भी लंबे वक्त से कर्ज में है। कंपनी के प्रमुख ब्रिज मोहन खेतान कर्ज की इस साल जून में मौत हो गई। खेतान के दौर में ही एक बार एवरेडी कारोबार को बेचने की कवायद हुई थी। लेकिन वो अंजाम तक नहीं पहुंच सकी थी।

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एवरेडी पर करीब 700 करोड़ का कर्ज

वहीं जानकारों का मानना है कि इस सौदे से कंपनी को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी। मालूम हो कि एवरेडी कंपनी पर करीब 700 करोड़ की देनदारी है। कंपनी पर यूको बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आरबीएल, इंडसइंड बैक समेत अन्य स्रोतों द्वारा कर्ज लिया गया है। कंपनी का सालाना राजस्व करीब 900 रुपए है। 100 साल पुरानी इस कंपनी का स्वामित्व 1905 से यूनियन कारबाइड इंडिया के पास था। ब्रिज मोहन खेतान ने बॉम्बे डाइंग के नुस्ली वाडिया से कारोबारी मुकाबले के बाद 1993 में 300 करोड़ रुपए में इसका स्वामित्व हासिल किया था।