केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक कल यानी बुधवार को हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की, इस बैठक में कुछ अहम फैसले लिए। जिसमें कि सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई (FDI) के नियमों को आसान बनाए जाने के अलावा देश में चीनी निर्यात के लिए 6,268 करोड़ रुपए की सब्सिडी मंजूर किए जाने और 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जैसे फैसले लिए गए। इन फैसलों की जानकारी बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। तो आइए आपके मंत्रिमंडल के इन फैसलों के बारे में थोड़ा विस्तार से बताते हैं।
सरकार ने अक्टूबर में शुरु होने वाले अगले चीनी मार्केटिंग वर्ष के दौरान 60 लाख टन चीनी का निर्यात करने के लक्ष्य के साथ 6,268 करोड़ रुपये की निर्यात सब्सिडी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार के इस कदम से मिलों को चीनी के सरप्लस घरेलू स्टॉक के निस्तारण और गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान में मदद मिलने की उम्मीद है। गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान के तौर पर तय मिलों की ओर से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इस मौके पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मार्केटिंग वर्ष 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी मिलों को कुल मिला कर 10,448 रुपये प्रति टन की सब्सिडी दी जाएगी। इससे राजकोष पर 6,268 करोड़ रुपये का बोझ आयेगा। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ-साथ अन्य राज्यों के लाखों किसानों को फायदा होगा। बता दें कि सरकार, मौजूदा मार्केटिंग वर्ष 2018-19 में 50 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए लगभग 11,000 रुपये प्रति टन सब्सिडी प्रदान कर रही है।
साथ ही कैबिनेट ने देश में 2021-22 तक 75 नए मेडिकल कालेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ये मेडिकल कॉलेज ऐसी जगह खोले जांएगे, जहां अभी इनकी उपलब्धता नहीं है। इससे लाखों की संख्या में गरीबों और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लाभ होगा और देहातों और ग्रामीण इलाकों में डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि 75 नए मेडिकल कॉलेज खुलने से एमबीबीएस की 15,700 नई सीट सृजित होंगी।
इस प्रस्ताव पर अमल में 24,375 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जावड़ेकर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पीजी और एमबीबीएस की 45 हजार सीटें जोड़ी गई हैं और इस अवधि में 82 मेडिकल कालेजों को मंजूरी दी गई है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया के किसी भी देश में यह बड़ा विस्तार है।
इसके अलावा कैबिनेट ने सिंघल ब्रांड रिटेल में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) नियमों में रियायत दी है। साथ ही कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में और कोल माइनिंगिंग में ऑटोमैटिक रूट से 100% एफडीआई को भी मंजूरी दी है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सिंघल ब्रांड रिटेल में कैबिनेट ने 30 प्रतिशत डोमेस्टिक सोर्सिंग नॉर्म की परिभाषा का विस्तार किया है। साथ ही अब सिंघल ब्रांड रिटेल में पहले फिजिकल यानी ऑफलाइन स्टोर खोलने और उसके बाद ऑफलाइन बिक्री शुरू करने की क्षमता खत्म कर दी गई है। अभी ऑफलाइन स्टोर खोले बिना रिटेलर की ऑनलाइन बिक्री शुरू नहीं हो सकती है।
कैबिनेट की बैठक में आपदा सहने में सक्षम इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आंतरिक गठबंधन के प्रस्ताव को पूर्व प्रभाव से मंजूरी प्रदान की गई है। इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री ने 13 अगस्त 2019 को मंजूरी दी थी। इसे संयुक्त राष्ट्र में जब प्रधानमंत्री जाएंगे, तब पेश किया जाएगा। आपदा पर ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधित इस प्रस्तावित आंतरिक गठबंधन सीडीआरआई के सहयोगी सचिवालय कार्यालय नई दिल्ली में होने की बात कही गई है।
सीडीआरआई को 23 सितंबर 2019 को न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के दौरान पेश किए जाने का प्रस्ताव है।
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