देश में प्‍याज, दाल और तेल की कमी नहीं है फिर भी इसकी कीमतें दिन व दिन बढ़ रही हैं। अब इस पर खाद्य एवं उपभोक्‍ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को खाद्य, उपभोक्‍ता, वारिणज्‍य, कृषि और नेफेड के सचिवों एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाजार में दाल, खाद्य और प्‍याज की कीमतों की समीक्षा की।

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इस दौरान मंत्री ने कहा कि नेफेड के पास 50 हजार टन प्याज का स्‍टॉक उपलब्‍ध है। जरूरत के हिसाब से हम इसे खुले बाजार में ला रहे हैं और राज्य सरकारों को भी चिह्नित किया गया है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से प्याज मंगा सकते हैं। बरसात की वजह से परिवहन आदि की समस्‍या के कारण कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं, लेकिन इस पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया जाएगा।

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आपको बता दें कि समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि वित्‍त वर्ष 2018-19 में कुल 317 लाख टन दाल उपलब्ध थी, जिसमें से 280 लाख टन की खपत हो चुकी है और अभी भी 37 लाख टन दाल की खपत हो चुकी है। इस साल 260 लाख टन पल्स के उत्‍पादन और 10 लाख टन आयात का अनुमान है।

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वर्तमान वर्ष में सरकार के पास कुल 307 लाख टन दाल की खपत होगी, जिसमें से 290 लाख टन की खपत का अनुमान है। इस प्रकार हमारे पास दाल की कोई कमी नहीं है और आगे भी कोई कमी नहीं होगी।

पासवान ने कहा कि अगर कहीं जमाखोरी होती है तो सरकार इसके खिलाफ कड़े कदम उठाएगी। स्‍थिति पर नजर रखी जा रही है। अरहर दाल का भी पर्याप्‍त भंडार मौजूद है। खाद्य तेलों की भी कोई कमी नहीं है।

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वित्‍त वर्ष 2016-17 में देश में 103 लाख टन तेल का उत्‍पादन हुआ था, जबकि मांग 250 लाख टन की थी। 146 लाख टन तेल का आयात किया गया। इस बार भी तेल का उत्‍पादन 103 लाख टन और मांग 250 लाख टन ही रहने का अनुमान है। खाद्य तेल की कमी को आयात से पूरा किया जाएगा। बाजार में तेल की कीमतें भी पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर हैं।