नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई कैबिनेट में सिंगल ब्रांड रिटेल में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) नियमों को आसान बना दिया है। इसके अलावा कैबिनेट ने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और कोयले की माइिनिंग में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई को भी मंजूरी दे दी है।

Advertisement

कैबिनेट की बैठक के बाद कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बिताया कि सिंगल ब्रांड रिटेल में अनिवार्य 30 फीसदी डॉमेस्टिक सोर्सिंग की परिभाषा में बदलाव किया है। इसके तहत अब सिंगल ब्रांड रिटेल में शुरुआत से ही ऑनलाइन स्टोरे खोल सकते हैं। अभी नियम है कि ऑफलाइन स्टोर खोले बिना रिटेलर ऑनलाइन बिक्री शुरू नहीं कर सकता था। लेकिन अगर नए नियमों के तहत कोई ऑनलाइन स्टोर खोलना चाहता है तो उसे 30 फीसदी लोकल सोर्सिंग की शर्त को पूरा करना पड़ेगा।

Advertisement

लोकल सोर्सिंग की शर्त में बदलाव

सिंगल ब्रांड रिटेल की शर्तों में भी सरकार ने बदलाव करते हुए राहत दी है। अभी तक 30 फीसदी लोकल सोर्सिंग की शर्त थी, जिसे बदल दिया गया है। अब से पहले कोई भी विदेशी कंपनी तब तक ऑनलाइन स्टोर नहीं खोल सकती थी, जब तक वो 30 फीसदी लोकल सोर्सिंग की शर्त को पूरा करने के अलावा ऑफलाइन स्टोर की स्टोर खोलने की शर्त को भी पूरा करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब कंपनियां 30 फीसदी लोकल सोर्सिंग की शर्त पूरा करते हुए पहले चाहें तो ऑनलाइन स्टोर खोल सकती हैं। अब 30 फीसदी लोकल सोर्सिंग में निर्यात को भी जोड़ा जाएगा।

Advertisement

डिजिटल मीडिया में भी 26 फीसदी एफडीआई की मंजूरी

सरकार ने आज हुई कैबिनेट में कोल माइनिंग और इससे संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई को भी मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा डॉमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में भी ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी गई है। डिजिटल मीडिया में 26 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दी गई है।

Advertisement

यह भी पढ़ें : अजंता फार्मा : 1 लाख को 10 साल में 97 लाख बनाने वाला शेयर