सीबीडीटी ने कर्मचारी पेंशन स्‍कीम (ईपीएस) 1995 में संशोधन करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस प्रस्‍ताव में 15 साल तक कम्‍युटेशन लेने के बाद पेंशन की कम्‍युटेड वैल्‍यू को लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले से 6.3 लाख पेंशनधारियों को फायदा होगा। बता दें कि पेंशनर्स इसके लिए पिछले कई वर्षों से मांग कर रहे थे।

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आपको बता दें कम्‍यूटेड वैल्‍यू भविष्‍य के वित्‍तीय दायित्‍व का शुद्ध वर्तमान मूल्‍य होता है। कुल पेंशन दायित्‍व लंबी अवधि की ब्याज दर और मृत्‍यु दर के आधार पर जीवन प्रत्‍याशा का एक उत्‍पाद है। कम्‍यूटेड वैल्‍यू की गणना उस उम्र में जिस पर एक कर्मचारी सेवा से अलग होता है, पेंशन भुगतान करने के लिए उसके जीवित रहने की वर्षों की संख्‍या और इस भुगतान को उत्‍पन्‍न करने के लिए लम्‍पसम निवेश पर प्रोफअनुमोदित दर से रिटर्न पर आधारित होती है। सेवा से अलग होने पर सेवानिवृत्‍त होने वाले कर्मचारी की पेंशन की कम्‍यूटेड वैल्‍यू का एक लम्‍पसम भुगतान प्राप्‍त करने का विकल्‍प दिया जाता है।

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इसका सीधा मतलब है कि 15 साल की अवधि तक न्‍यूनतम मासिक पेंशन लेने वाले पेंशनर्स को कम्‍यूटेड वैल्‍यू का लम्‍पसम भुगतान हासिल करने का विकल्‍प दिया जाएगा।

इस मौके पर श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बैठक के बाद बताया कि ईपीएफओ ने ईपीएफ सदस्य के 91 प्रतिशत दावों को ऑनलाइन मोड से निपटाया है। उन्होंने ईपीएफओ के अच्छे प्रशासन की खूब प्रशंसा की जिसके तहत उन्होंने एसबीआई से बातचीत कर ओडी शुल्‍क को कम करवाया, एफडी ब्याज में वृद्धि करवाई और कलेक्शन चार्ज को खत्‍म करवाया। इससे ईपीओ को सालाना 22 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।

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मंत्री ने संशोधित EPFIGMS 2.0 वर्जन को भी लॉन्‍च किया। जो तेज और आसान शिकायत निवारण के जरिये 5 करोड़ से अधिक सदस्‍य और लाखों नियोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा।