पीएम आवास योजना के तहत लक्षित 1.12 करोड़ घरों को मार्च 2020 तक मंजूरी दे दी जाएगी। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के 15 वें वार्षिक सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने आयोजन से इतर कहा कि शहरी भारत में 1 करोड़ घरों को मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 84 लाख को मंजूरी प्रदान की जाएगी। आपको बता दें कि मोदी सरकार 2022 तक प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने का अपना एक बड़ा मिशन चला रही है।

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उन्‍होंने कहा कि हमने 84 लाख घरों को मंजूरी दी है। मुझे पूरा भरोसा है कि दिसंबर 2019 तक सभी 1 करोड़ घरों को मंजूरी दे दी जाएगी। हमने 12 करोड़ अतिरिक्त घरों के साथ अपने लक्ष्य को 1.12 करोड़ किया है। इन 12 करोड़ घरों को वर्ष 2020 के पहले तीन महीनों में मंजूरी दे दी जाएगी।

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पुरी ने उम्मीद जताई कि घरों का निर्माण निश्चित समय-सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि PMAY के लाभार्थियों को 24 लाख घर प्रदान कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, हमने 48 लाख घरों की ग्राउंडिंग का काम पूरा कर लिया है। यह आंकड़ा जल्द ही 75 लाख तक पहुंच जाएगा। हमने 24 लाख घर सुपुर्द भी कर दिए हैं और यह आंकड़ा जल्द ही 50 लाख का होगा।

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हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कांग्रेस शासन में शहरी कार्यक्रमों के लिए 1,50,000 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी। वर्तमान सरकार में यह आंकड़ा छह गुना बढ़ गया है। दिसंबर तक 100 में से 50 स्मार्ट शहरों में काम पूरा हो जाएगा।

इसके अलावा उन्‍होंने रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने के मोर्चे पर सरकार द्वारा की गई प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। एक अनुमान के अनुसार, 2030 तक 600 मिलियन से अधिक लोग शहरों में रहेंगे, जिस समय भारत को एसडीजी को लेकर संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे को पूरा करने की आवश्यकता है। मंत्री ने विश्वास जताया कि हम 2030 से पहले 2030 के सतत विकास लक्ष्यों के एजेंडे का पालन करने के लिए आश्वस्त हैं।