नई द‍िल्‍ली: अगर आप भी अकसर ऑनलाइन खाना मंगवाते है तो ये खबर पढ़ लें। जी हां ऑनलाइन फूड कंपनी स्‍व‍िगी, जोमेटो पर अब भारी छूट नहीं म‍िलेगी। बता दें कि स्‍व‍िगी रेस्तरां चलाने वालों के संगठन नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने कहा कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले जोमेटो , स्‍व‍िगी जैसे प्लेटफॉर्म अपनी स्कीम को नए सिरे से तैयार करने के लिए राजी हैं। इसका मकसद इन एप आधारित प्लेटफॉर्म को ग्राहकों को अव्यावहारिक रूप से बहुत अधिक छूट देने की पेशकश पर अंकुश लगाना है। ज‍ियो यूजर्स के ल‍िए रेस्टोरेंट में डिनर करना हुआ सस्ता, जानें कैसे? ये भी पढ़ें

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जानकारी दें कि एसोसिएशन ने मंगलवार को बयान में कहा कि छूट कोई अधिकार नहीं है बल्कि एक विशेष लाभ की तरह है। वहीं संगठन ने भारी छूट के कारण संकट का सामना कर रहे रेस्टोरेंट-कस्टमर इकोसिस्टम को छूट से मुक्त करने की जरूरत पर जोर दिया। संगठन डिस्काउंट स्कीम्स, डाइन-इन कार्यक्रमों और टेबल बुकिंग योजना पर मतभेदों को हल करने के लिए पिछले दो दिनों से जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन मंचों के साथ बातचीत कर रहा है।

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सभी रेस्टोरेंट एग्रीगेटर के साथ हुई बैठक

एसोसिएशन ने बयान में कहा है कि पिछले दो दिन एनआरएआई ने सभी रेस्टोरेंट एग्रीगेटर के साथ बैठक की। हमें यह जानकर हैरानी हुई एग्रीगेटर एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारी मात्रा में छूट दे रहे हैं। उनका कहना हैं कि भारी छूट की फंडिंग रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करना पड़ता है न कि ऑनलाइन फूड डिलिवरी करने वाले प्लेटफॉर्म को।

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सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्कीम्स या फीचर में बदलाव

बता दें बयान में इस बात का भी ज‍िक्र किया गया है कि यह फैसला सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अपनी स्कीम्स या फीचर में बदलाव करेंगे। यह भारी छूट के चलते संकट में फंसे रेस्टोरेंट-कस्टमर इकोसिस्टम को समस्या से निकलने में मदद करेगा। वहीं एसोसिएशन ने कहा कि छूट देने के विचार से ग्राहकों को सुखद एहसास होना चाहिए न कि वह व्यवसाय को खराब करने वाला होना चाहिए। छूट एक विशेष लाभ है कोई अधिकार नहीं है।