आज वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण को डायरेक्‍ट टैक्‍स में सुधार के लिए बनी टास्‍क फोर्स ने अपनी रिर्पोट सौंप दी है। आपको बता दें कि 21 महीने में कुल 89 बैठकों के बाद टास्‍क फोर्स ने ये रिर्पोट तैयार की है। टास्‍क फोर्स ने इस रिर्पोट में डिविडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स (डीडीटी) को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है। गौरतलब है कि जब कंपनियां डिविडेंड देती हैं तो 15 प्रतिशत डीडीटी लगता है। डीडीटी के ऊपर 12 फीसदी सरचार्ज और 3 फीसदी एजुकेशन सेस लगता है। इस तरह कुल मिलाकर DDT की प्रभावी दर 20.35 प्रतिशत हो जाती है।

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साथ ही टास्‍क फोर्स मिनिमम अल्‍टरनेटिव टैक्‍स (मैट) को भी पूरी तरह से हटाने की भी सिफारिश की है। अभी कंपनी के बुक प्रॉफिट पर 18.5 प्रतिशत मैट लगता है। इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 115जेबी के तहत मैट लगता है। डीडीटी के ऊपर 12 फीसदी सरचार्ज और 3 फीसदी एजुकेशन सेस लगता है। इस तरह कुल मिलाकर DDT की प्रभावी दर 20.35 प्रति हो जाती है।

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इसके अलावा टास्क फोर्स ने सभी के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 25 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। साथ ही टास्क फोर्स ने इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में बड़े बदलाव की भी सिफारिश की है और इनकम टैक्सपेयर्स की फेसलेस स्क्रूटनी के लिए जरूरी उपाय सुझाए हैं। इसने सिस्टम के जरिये फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के उपाय भी सुझाए हैं।

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आपको बता दें कि टास्‍क फोर्स का खास जोर टैक्‍स विवादों के जल्‍द निपटारे पर है। इस रिर्पोट में जीएसटी, कस्‍टम, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और इनकम टैक्‍स के बीच जानकारी के लेनदेन का खास व्‍यवस्‍था की सिफारिश भी की गई है। सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड) के सदस्‍य अखिलेश रंजन की अध्‍यक्षता में गठित टास्‍क फोर्स ने वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी प्रत्‍यक्ष कर रिर्पोट सौंप दी है।