जब से सोमवार को मुकेश अंबानी ने जियो गीगा फाइबर की घोषणा की है तब से सारे टेलीकॉम ऑपरेटर और डीटीएच सर्विस ऑपरेटर कॉफी परेशान से लग रहे हैं। 5 सितंबर से जियो की ब्रॉडबैण्ड सेवा सेवा जियो गीगा फाइबर की शुरुआत हो रही है। सिर्फ 700 रुपये प्रति माह की कीमत की इस योजना में ब्रॉडबैण्ड के अलावा कई विशेष सेवा दी जा रही है। हालांकि रिलायंस के इस सेगमेंट में आने से ब्रॉडबैण्ड सर्विस मुहैया कराने वाली डीटीएच और कैब ऑपरेटर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
रिलायंस जियो के ब्रॉडबैण्ड सेवा में न्यूनतम 100 एमबीपीएस से 1 जीबीपीएस इंटरनेट स्पीड देने की योजना है। इसके अलावा आजीवन मुफ्त फोन कॉल, मुफ्त एचडी टीवी और डिश उपलब्ध कराई जाएगी। ये प्लान 700 रुपये मासिक से शुरू होकर 10,000 रुपये मासिक तक होंगे। इसके साथ ही जियो ने लैंडलाइन से 500 रुपये मासिक किराए पर अमेरिका और कनाडा में अनलिमिटेड अंतरराष्टीय फोन कॉल की भी पेशकश की है।
रिलायंस जियो ने ब्रॉडबैण्ड सेवा में न्यूनतम 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड देने का ऐलान किया है। फिलहाल यह स्पीड आगे बढ़ाकर 1 जीबीपीएस की जाएगी। टेलिकॉम इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो हाई स्पीड ब्रॉडबैण्ड सर्विस की वजह से मार्केट की अन्य कंपनियों के सामने एक नई कंपनी खड़ी हो जाएगी। वास्तव में, बीएसएनएल के सबसे सस्ते प्लान में यूजर्स को 50Mbps की स्पीड मिलती है। वहीं टॉप-एंड प्लान में यूजर्स को 100Mbps की स्पीड का ऑफर मिलता है। इसी तरह एयरटेल के वी-फाइबर की स्पीड 300Mbps है।
आपको बता दें कि बीते सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एनुअल जनरल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत में जियो गीगा फाइबर की सबसे न्यूनतम स्पीड 100 एमबीपीएस होगी। हमारे पास इसके तहत 1 जीबीपीएस तक की स्पीड उपलब्ध कराने के प्लान हैं।
इसी तरह 2020 के मध्य तक जियो गीगा फाइबर के प्रीमियम ग्राहक घर बैठे फिल्म के रिलीज के दिन ही उसे देख लेंगे। इसे जियो ने फर्स्ट डे फर्स्ट शो का नाम दिया है। इसका बड़ा नुकसान मल्टीप्लेक्स को उठाना पड़ सकता है।
जियो अपने नैरोबैण्ड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (NBIoT) प्लेटफॉर्म पर कम से कम एक अरब डिवाइसेज को कनेक्ट करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी को लगभग 20,000 करोड़ रुपये सालाना आमदनी हो सकती है। इसके इस्तेमाल से देशभर में अरबों स्मार्ट सेंसरों से जेनरेट होने वाला डेटा, सबसे कम कीमत में भरोसेमंद तरीके से इकट्ठा किया जा सकेगा। अंबानी ने कहा, 'जियो का IoT प्लेटफॉर्म 1 जनवरी 2020 से व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
फिलहाल, इस सेगमेंट में जियो का सामना टाटा कम्युनिकेशंस, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी अन्य कंपनियों से होने की उम्मीद है।
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