आज रिलायंस की 42वीं एजीएम थी जिसमें कई घोषणाएं हुईं। इस दौरान मुकेश अंबानी ने मीटिंग की अध्‍यक्षता करते हुए साल का नफा और नुकसान बताया। इसके साथ ही एक बड़ा फैसला लिया गया जिसके अंतर्गत जियो और माइक्रोसॉफ्ट ने हाथ मिला लिया है।

Advertisement

आपको बता दें कि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड ने माइक्रोसॉफ्ट से लंबे समय के लिए हाथ मिलाया है, जिससे देश में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेजी मिल सके। आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 42 वी एंजीएम में बताया कि भारत के साथ साझेदारी द्वारा जियो स्टार्टअप कंपनियों को मुफ्त में कनेक्टिविटी और क्‍लाउड इंफ्रा सर्विस प्रोवाइड कराएगी। इस साझेदारी के तहत माइक्रोसॉफ्ट अपने क्‍लाउड सर्विस Azure को जियो नेटवर्क पर लाएगा।

Advertisement

इस बारे में मुकेश अंबानी ने बताया कि स्टार्टअप्स के लिए ये विशेष कनेक्टिविटी सेवा 1 जनवरी, 2021 से उपलब्ध होगी। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने बताया कि हम दोनों साथ मिलकर कांप्रेहेंसिव टेक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशन लाने जा रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट जहाँ अपने Azure क्‍लाउड सर्विस को जियो नेटवर्क पर प्रोवाइड कराएगा, वहीं जियो देश में कई क्‍लाउड डेटा सेंटर्स स्थापित करेगा। ज्‍यादा से ज्यादा ऑर्गनाइजेशन्स अपनी डिजिटल क्षमता बढ़ाने के लिए क्‍लाउड टूल्स और प्लेटफॉर्म को एक्सेस कर सके।

Advertisement

अंबानी ने कहा कि जियो और माइक्रोसॉफ्ट ने लंबे समय के लिए डील की है, जिससे देश के डिजिटल बदलाव को नई दिशा मिल सकेगी। वे स्टार्टअप के लिए विशेष कनेक्टिविटी सेवा लॉन्च कर रहे हैं। यह सेवा 01 जनवरी 2021 से उपलब्ध होगी और स्टार्टअप्स को जियो पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। तो वहीं डील के तहत क्‍लाउड बेस्ड प्रोडक्ट्स के साथ अपनी कंप्यूटर वर्कफोर्स और माइक्रोसॉफ्ट 365 का सपोर्ट देगा।

Advertisement

इस डील के तहत भारत में नए प्रोफाइल डेटा सेंटर लॉन्च किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा संस्थान अपनी डिटिजल क्षमता को विकसित करने के लिए इन टूल्स और प्लेटफॉर्म का फायदा उठा सकें।