नई द‍िल्‍ली: एसबीआई ग्राहकों के ल‍िए अच्‍छी खबर है। आपको जानकर खुशी होगी कि एसबीआई ने सभी तरह के लोन पर ब्याज दर घटाई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में कटौती करने के बाद देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने ग्राहकों को तोहफा दिया है। एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.15 फीसदी की कटौती की है। आपको इस बात से अवगत करा दें कि एमसीएलआर की नई दरें 10 अगस्त यानी शनिवार से लागू होंगी। एसबीआई की 1 साल की नई एमसीएलआर 8.40 फीसदी से घटकर 8.25 फीसदी होगी। बैंक का लोन अप्रैल से अब तक 0.35 फीसदी सस्ता हो गया है। जल्‍द ही 24 घंटे मिलेगी एनईएफटी की सुविधा ये भी पढ़ें

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लगातार चौथी बार रेपो रेट में की कटौती

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती की है। जानकारी दें कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट 0.35 फीसदी घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया। वहीं दूसरी ओर ये भी जानें कि यह रेपो रेट 9 साल के निचले स्तर पर है। इसी के साथ आरबीआई ने लगातार चौथी बार रेपो रेट में कमी की है। एमपीसी के 6 सदस्यों में से 4एमपीसी सदस्य 0.35 फीसदी कटौती के पक्ष में थे। वहीं 2 सदस्य 0.25 फीसदी की कटौती चाहते थे। एमपीसी का पॉलिसी पर अकोमोडेटिव रुख बरकरार रखा है। एमपीसी ने ब्याज दरों पर नरम रुख कायम रखा है।

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एसबीआई पहले ही रेपो लिंक्ड होम लोन प्रोडक्ट की सुविधा दे रहा है। जो क‍ि ये सुविधा 1 जुलाई 2019 से लागू हुई है। आज की कटौती के बाद रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट 1 सितंबर 2019 से 7.65 फीसदी हो जाएगी। एसबीआई ने कहा है कि उसने रिजर्व बैंक के रेपो रेट कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को पहुंचाया है।

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क्‍या है एमसीएलआर ?

एमसीएलआर को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं। इसके तहत बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। ये बेंचमार्क दर होती है। इसके बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं। इसके साथ ही एमसीएलआर घटने पर लोन की ईएमआई सस्ती हो जाती है।

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इन बातों पर ध्‍यान दें

- रेपो दर घटकर 5.40% हो गया है ।
- पहले 5.75% पर थी रिजर्व बैंक की रेपो रेट दर।
- 0.75% की कटौती पिछले तीन समीक्षा बैठक में हुई। अभ चौथी बार 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है।
- पहले रिवर्स रेपो रेट 5.50 फीसदी थी जिसे अब 5.15 फीसदी कर दिया है।