नई दिल्ली: रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को क्रेडिट पॉलिसी जारी कर दी। इसमें उसने रेपो रेट को 0.35 फीसदी की कमी की है। इस कमी के बाद अब रेपो रेट 5.75 फीसदी से घट कर 5.40 फीसदी हो गया है। अब उम्मीद की जा सकती है कि बैंक भी इतना लाभ अपने होम लोन लेने वाले कस्टमरों को देंगे। अगर ऐसा होता है तो होम लोन लेने वालों की किस्त यानी ईएमआई घट जाएगी। इस घटी हुई किस्त का फायदा हजारों रुपये में हो सकता है। अगर किसी ने 15 साल के लिए 30 लाख रुपये का होम लोन लिया है तो उसको अधिकतम करीब 78 हजार रुपये तक का फायदा हो सकता है। यह गणना एसबीआई के होमलोन की दर 8.15 फीसदी ब्याज से 15 साल के होम लोन पर की गई है।
होम लोन के अलावा अन्य तरह के लोन लेने वालों को यह फायदा तभी मिलेगा जब देश के बैंक और वित्तीय संस्थान अपनी ब्याज दरें आरबीआई की रेपो के अनुरूप घटाएंगे। यह भी हो सकता कि बैंक 0.35 फीसदी घटी रेपो रेट का पूरा फायदा अपने ग्राहकों को न दें। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार रेपो रेट में हुई चौथाई फीसदी का पूरा या इससे कुछ कम फायदा भी दे सकते हैं। साथ ही यह भी संभव है कि कुछ बैंक इसका फायदा दे ही न।
अगर किसी ने जून की शुरुआत में ही 15 साल के लिए 30 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो उसकी हर माह 8.15 फीसदी ब्याज के साथ किस्त 28929.95 रुपये बनी होगी। अगर बैंक क्रेडिट पॉलिसी में घटाए गए 0.35 फीसदी रेपो रेट का पूरा लाभ अपने होम लोने वाले ग्राहकों को देते हैं, तो उनकी होम लोन की ब्याज दर घट कर 7.80 फीसदी रह जाएगी। इस ब्याज दर से उनकी किस्त घट कर 28496.95 रुपये रह जाएगी।
अगर बैंक अपनी होम लोन की ब्याज दर 0.35 फीसदी घटाते हैं, तो होम लोन लेने वालों की किस्त हर माह करीब 433 रुपये घट सकती है। यह फायदा एक साल में करीब 5196 रुपये का होगा। वहीं यह फायदा 5 साल में 25980 रुपये का और 10 साल में 51960 रुपये का होगा। लेकिन अगर किसी ने जून या जुलाई 2019 की शुरुआत में ही होम लोन लिया है, तो उसको सबसे ज्यादा फायदा करीब 77940 रुपये का होगा।
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