जिन लोगों ने कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के शेयर पर अपने पैसे लगाए हैं आज उनके लिए बुरी खबर है क्योंकि कॉफी डे इंटरप्राइजेज के शेयरों ने मंगलवार को खुलते ही 20 प्रतिशत के स्तर तक की गिरावट दर्ज की है और फिर इस शेयर में लोउर सर्किट लग गया। आपको बता दें के CCD के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के गायब होने और फिर आत्महत्या करने की खबरें सामने आने के बाद कंपनी के शेयर गिरे हैं।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार सोमवार की रात सिद्धार्थ अपनी इनोवा गाड़ी में मंगलुरू की ओर निकले, इसके बाद वह रास्ते में उल्लाल ब्रिज पर रुके और इसके बाद से ही लापता हैं। न तो उनका किसी से संपर्क हुआ है और न किसी से बात उनका फोन भी स्विच ऑफ है।
बता दूं कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक लेटर के अनुसार, सिद्धार्थ ने 27 जुलाई को कंपनी बोर्ड से कहा कि वह किसी को धोखा नहीं देना चाहते थे। उन्होंने कहा मैं एक आन्त्रप्रेन्योर के रूप में असफल रहा हूं। यह मेरा ईमानदार अभिभाषण है। मुझे उम्मीद है कि आप कभी भी इसे समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।
लेटर के अनुसार मैं एक निजी वित्तीय साझेदार द्वारा बनाए जा रहा दबाव को नहीं झेल पा रहा हूं। वह मुझे लगातार शेयरों का बायबैक करने को कह रहा है। अपने दोस्त से मोटी रकम उधार लेकर मैंने इस काम को आंशिक रूप से पूरा कर दिया है। कर्जदारों के दबाव के कारण मैं परिस्थिति के आगे हार मानता हूं।
पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि मुझे पिछले आयकर डीजी द्वारा काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उन्होंने दो अलग-अलग मौकों पर हमारी माइंडट्री डील को खत्म करने का प्रयास किया। बता दें कि कंपनी को 8 अगस्त को अपने जून तिमाही के नतीजे पेश किए जाने हैं।
खबरें आ रही हैं कि सिद्धार्थ ने उलाल ब्रिज से छलांग लगा दी है। तो वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मंगलुरु पुलिस ने उनकी खोज और मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने रात नौ बजे एक किलोमीटर लंबे पुल से नेत्रावती नदी में छलांग लगाई, जो मंगलुरु से 6 किलोमीटर दूर है।
कंपनी के शेयर 20 प्रतिशत का गोता लगाकर 154.05 रुपये के स्तर पर लुढ़क गए। इस साल कंपनी के शेयर अभी तक 44 फीसदी तक टूट चुके हैं। 58 वर्षीय वीजी सिद्धार्थ पूर्व विदेश मंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके कृष्णा के दामाद हैं। खबरें थी कि वह कोका-कोला को अपने रिटेल कॉफी के बिजनेस में कुछ हिस्सा का ऑफर दे रहे हैं।
आपको बता दें कि सिद्धार्थ का परिवार चिकमंगलूर में कॉफी उगाता था। उन्होंने फोटोग्राफिक में आर्ट्स किया था। उनके परिवार के पास 15,000 एकड़ में कॉफी के बगान हैं। उन्होंने वर्ष 1996 में अपना पहला कैफे कॉफी डे खोला था। यह कैफे बंगलुरु की सबसे व्यस्त, ब्रिगेड रोड, पर खोला गया था।
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