नई दिल्ली: ईईएसएल ने कहा कि वह नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने और लगभग 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगायेगा। जैसा की आप जानते है कि हाल ही में सरकारी कंपनी एनर्जी इफिसिएन्सी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने एसी की बिक्री शुरू की है। इतना ही नहीं ईईएसएल वही कंपनी है जिसने देश के कई घरों में सस्ता एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट उपलब्ध कराया था। ठीक इसी तरह अब ईईएसएल ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) के साथ समझौता किया है। जी हां बता दें कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों के साझा उद्यम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। नोएडा में इलेक्ट्रिक परिवहन (ईवी) के लिए जरूरी मजबूत ढांचागत सुविधा को बढ़ावा देकर यहां ईवी को अपनाने की प्रक्रिया तेज करने में यह समझौता ज्ञापन सहायक साबित होगा।
जानकारी दें कि ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार और नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु महेशवरी ने नोएडा के चेयरमैन आलोक टंडन की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। नोएडा चेयरमैन आलोक टंडन ने का हम नोएडा को ज्यादा स्वच्छ, ज्यादा हरित और ज्यादा संवहनीय बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। शहर में सार्वजनिक चार्जिंग की ढांचागत व्यवस्था स्थापित करने से इन प्रयासों को काफी मदद मिलेगी और शहर में इलेक्ट्रोनिक वाहनों को अपनाए जाने की रफ्तार तेज़ होगी। ईईएसएल के साथ इस साझेदारी के साथ हमें उम्मीद है कि शहर में ई-परिवहन आंदोलन को गति मिलेगी। जानकारी दें कि इस समझौता ज्ञापन से संबंधित सेवाओं के लिए होने वाला पूरा अग्रिम निवेश ईईएसएल करेगी, जिसमें प्रशिक्षित लोगों द्वारा सार्वजनिक चार्जिंग स्पॉट के संचालन और रख-रखाव का जिम्मा भी शामिल है।
इतना ही नहीं जगह उपलब्ध करवाने के साथ ही चार्जिंग स्टेशन के लिए जरूरी बिजली कनेक्शन का जिम्मा नोएडा का होगा। इस प्रयास से प्रति ई-कार प्रति वर्ष 4.04 टन कार्बन डाय ऑक्साइड उत्सर्जन की बचत होने का अनुमान है। ईईएसएल ने अपने ईवी कार्यक्रम के तहत 10,000 ई-कार की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब तक देश भर में 1,510 ई-कार रजिस्ट्रेशन/ आवंटन के तहत उतारी जा चुकी हैं। ई-कारों की चार्जिंग के लिए 295 एसी और 161 डीसी चार्जर को भी मंजूरी दी जा चुकी है। ईईएसएल ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू), सरकारी विभागों और आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
आप इस बात से बखूबी अवगत होंगे कि मोदी सरकार ने इस बार अपने बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर छूट देने का ऐलान किया है। बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की हैं। इसके तहत इन गाड़ियों पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने और इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए लोन पर 1.5 लाख तक के लोन को आयकर से मुक्त करने की घोषणाएं शामिल हैं। इससे भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में चार्जिंग स्टेशनों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।
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