आजकल हर कोई ऑनलाइन शॉपिंग में ही अपना समय व्‍यतीत करते नजर आते हैं। कहीं आप भी तो इसके शौकीन तो नहीं हैं यदि ऐसा है तो एक बार उस वेबसाइट के बारे में जरुर पता कर लें कि आपकी शापिंग साइट चायनीज तो नहीं। जी हां चीन के ईकॉमर्स प्लैटफॉर्म से प्रोडक्ट खरीदने वाले कस्टमर्स को जल्द ही लगभग 40 से 50 पर्सेंट अतिरिक्त जीएसटी और कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना पड़ सकता है।

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इकोनॉमिक टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार टैक्स डिपार्टमेंट, चीन की ईकॉमर्स कंपनियों से खरीदे जाने वाले प्रोडक्ट पर इंटीग्रेटेड गुड्स एण्‍ड सर्विसेस टैक्स (IGST) के ब्लेंडेड फ्लैट टैक्स और कस्टम ड्यूटी लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। इस चरण को ईकॉमर्स वेबसाइटों के माध्यम से गुड्स के अवैध इंपोर्ट को रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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इस मामले में मिली रिर्पोट के अनुसार यह टैक्स चीन की ऑफलाइन शॉपिंग वेबसाइटों से खरीदारी करने वाले उपभोक्‍ताओं पर लगेगा। पिछले एक साल में कस्टम विभाग ने कई ऐसे नियमों को खारिज कर दिया है, जिन्हें गिफ्ट रूट के जरिए भारत लाया जा रहा था। भारतीय कानून के अनुसार किसी भी देश से 5000 रुपये से कम के गिफ्ट मंगाने पर कस्टम ड्यूटी का भुगतान नहीं करना होता है।

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आपको बता दें कि चीन और अन्य देशों की ईकॉमर्स वेबसाइट इस नियम का फायदा उठाते हुए इस रूट से बिना कस्टम ड्यूटी दिए अपने प्रोडक्ट्स भारत भेज रही हैं। सरकार इस योजना में पेमेंट गेटवे को शामिल करने के बारे में सोच रही है। इससे जब कन्ज्यूमर भुगतान करेगा तो कीमतों में आईजीएसटी और कस्टम ड्यूटी भी शामिल होगी।

इकोनॉमिक टाइम्स ने जिन लोगों से बात की, उन्होंने बताया कि सरकार ऐसा प्लैटफॉर्म मेकिंग चाहती है, जिससे पेमेंट गेटवे जुड़े हों। इससे कस्टमर जब भी भर्ती के लिए टैक्स का भुगतान करेगा तो एक प्लैटफॉर्म से बारकोड मिलेगा, जिसका इस्तेमाल प्रॉडक्ट को भारत भेजने में किया जा सकता है।