नई दिल्ली। पाकिस्तान की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उसे अभी जैसे तैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6 बिलियन डॉलर का कर्ज स्वीकृत हुआ है, वैसे ही उससे ज्यादा पैसे की मुसीबत आन पड़ी है। विश्व बैंक में मध्यस्थता कोर्ट ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए एक विदेशी कंपनी को खनन पट्टा देने से इनकार करने पर पाकिस्तान पर 5.97 अरब डॉलर (करीब 94 हजार करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का जुर्माना लगा दिया है। पाक पर यह जुर्माना 2011 में रेको डीक परियोजना को अचानक रद करने पर लगाया गया है।

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ब्लूचिस्तान की सरकार ने पट्टा किया था खारिज
पाकिस्तान के राज्य ब्लूचिस्तान की सरकार ने पट्टे का अनुरोध खारिज कर दिया था। इकसे बाद टेथयान कॉपर कंपनी (टीसीसी) ने 2012 में विश्व बैंक के अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद निपटान केंद्र (आईसीएसआईडी) में केस किया था। यह कंपनी चिली की खनन कंपनी एंटोफगास्टा व कनाडा की बैरिक गोल्ड कॉरपोरेशन की संयुक्त उद्यम है। पाक के अखबार डॉन के अनुसार, मध्यस्थता अदालत ने पाकिस्तान पर 4.08 अरब डॉलर का जुर्माना और 1.87 अरब डॉलर का ब्याज का भुगतान करने को कहा है। वही कंपनी ने 11.43 अरब डॉलर की क्षतिपूर्ति का दावा किया था। पाक और इस कंपनी के बीच यह केस पिछले 7 साल से चल रहा था।

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इमरान खान ने जिम्मेदारी तय करने के लिए बनाया आयोग
पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को रेको डीक मामले में केस हारने के बाद पाकिस्तान को होने वाले भारी नुकसान की जवाबदेही तय करने और उसकी जांच के लिये एक आयोग बनाने के आदेश दिया है। पाकिस्तान की सरकार के सामने यह मामला आने के बाद स्थितियां गंभीर बन गई हैं। एक तरफ पाकिस्तान कंगाली की हालत से निकलने की कोशिश कर रहा है, वहीं उसे अचानक करीब 93 हजार करोड़ रुपये का झटका लगा है।

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