नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार कल यानी 5 जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल के पहली बजट पेश करने जा रही है। इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उम्मीदें भी अधिक हैं। बजट से हर सेक्टर को कुछ नया मिलने की उम्मीद रहती है। इतना ही नहीं मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में हर सेक्टर को कुछ बेहतर मिलने की उम्मीद है। कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिग के अतिरिक्त कमोडिटी सेक्टर को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। रत्न एवं आभूषण उद्योग ने बड़े स्तर पर तस्करी पर रोक लगाने के लिए इस बजट में सोने के आयात शुल्क को घटाने की मांग की है।
बता दें कि एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 10 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी किया जाना चाहिए। यहीं गोल्ड इंडस्ट्री की मांग है। गोल्ड पॉलिसी पहले ही बजट 2019 का हिस्सा रह चुकी है। हालांकि इस दिशा में अपेक्षाकृत कम बढ़त हुई है। हम उम्मीद करते हैं कि इस बजट में स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उनका कहना हैं कि जिन्होंने सोना खरीदा है और फ्यूचर में हेजिंग के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे, उन्हें टैक्स रिबेट या इंटेंसिव मिलना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसके प्रति आकर्षित हों। इसके अतिरिक्त उद्योग जगत से जुड़े अन्य लोगों ने बैंक का कमीशन खत्म करने या इसे घटाकर 0.20 फीसदी करने की मांग की है। इससे उद्योग जगह में डिजिटल लेनेदेन को बढ़ावा मिलेगा।
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभी बैंक क्रेडिट कार्ड पर 11.50 फीसदी कमीशन लेते हैं। जिस वजह से उपभोक्ताओं के लिए आभूषण 11.50 फीसदी महंगे हो जाते हैं। जो ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन के लिए हतोत्साहित करता है। इसके अतिरिक्त कमोडिटी सेक्टर को संगठित तथा नियम आधारित कारोबारी तरीके की ओर प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत लाभ पर कर से छूट देने की भी मांग की गयी। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने आभूषण जगत के लिए ईएमआई सुविधा की भी मांग की है। साथ ही पैन कार्ड की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक करने की मांग की गई है।
वहीं केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक बजट 2019-20 में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा सकती है। उनके मुताबिक सोने पर अभी 13 फीसदी टैक्स लगता है, 10 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी और 3 फीसदी जीएसटी लगती है। ये किसी जीएसटी के स्लैब में फिट नहीं बैठता है। इसलिए सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी में 1 फीसदी कटौती की उम्मीद है। इसके बाद ये 12 फीसदी जीएसटी के स्लैब में आ जाएगा। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा था कि हमें इंडस्ट्री से गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव मिला है, जिस पर हम विचार कर रहे हैं।
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