नई द‍िल्‍ली: बाबा रामदेव की पतंजलि को लगा बड़ा झटका जी हां बिक्री में आई 10% की गिरावट। बता दें कि तीन साल पहले जहां योग गुरु बाबा रामदेव पतंजलि की ग्रोथ को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे थे। लोग भी पतंजलि के प्रोडक्ट्स को हाथोंहाथ ले रहे थे। भारत में बने नारियल तेल और आयुर्वेदिक औषधियों जैसे उनके भारत निर्मित उत्पाद विदेशी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए थे। हालांकि रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब रामदेव का कमाई बढ़ाने का दांव बेअसर होता दिख रहा है। इसके उलट कंपनी की बिक्री में 10 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

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10 फीसदी घटकर 8100 करोड़ रुपए रह गई

जानकारी दें कि बाबा रामदेव ने वर्ष 2017 में दावा किया था, कि उनकी कंपनी के टर्नओवर के आंकड़े मल्टीनेशनल कंपनियों को कपालभाती करने को मजबूर कर देंगे। कपालभाती को एक मुश्किल योग माना जाता है। पतंजलि की बिक्री से उत्साहित रामदेव ने दावा किया था कि मार्च, 2018 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान पतंजलि की बिक्री लगभग दोगुनी से ज्यादा होकर 20 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। कंपनी की सालाना फइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, दावों के विपरीत पतंजलि की बिक्री 10 फीसदी घटकर 8100 करोड़ रुपए रह गई है।

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गिरावट आने का अनुमान

इस बात से भी अवगत करा दें कि कंपनी सूत्रों और एनालिस्ट्स के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष के दौरान इसमें और भी गिरावट आने का अनुमान है। केयर रेटिंग्स ने पतंजलि से मिली जानकारी के आधार पर अप्रैल में कहा था कि अनुमानित आंकड़े 31 दिसंबर समाप्त वित्त वर्ष के 9 महीने के दौरान कंपनी की बिक्री महज 4700 करोड़ रुपए रहने की ओर इशारा कर रहे हैं।

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पतंजलि को भी तगड़ा झटका लगा

वहीं कंपनी के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों, सप्लायर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, स्टोर मैनेजर्स और कंज्यूमर्स से बातचीत के आधार पर लगता है कि गलत कदमों के कारण कंपनी की उम्मीदें पटरी से उतर गई हैं। जो कि विशेष रूप से उत्पादों की गुणवत्ता में कमी की ओर इशारा किया गया और इसके बावजूद पतंजलि ने बेहद तेजी से विस्तार किया है। जबि‍क कंपनी कहती है कि तेज विस्तार से कुछ समस्याएं हुई हैं, लेकिन वे इससे वे उबर गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की नोटबंदी और 2017 में जीएसटी के लागू होने से दूसरों की तरह ही पतंजलि को भी तगड़ा झटका लगा था। इससे आर्थिक गतिविधियों को तगड़ा झटका लग था।