नई दिल्ली: सरकार अब नीति आयोग के पुनर्गठन के ठीक के बाद पूंजी जुटाने के लिए नई तैयारियों में जुटी हुई है। दरअसल, कुल 50 ऐसे परिसंपत्तियों की पहचान की है जिसे बेचकर सरकार पूंजी जुटाएगी। बता दें कि इनमें एनटीपीसी, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया का नाम शामिल हैं। एक सरकार अधिकारी ने बताया हैं कि हम इन परिसंपत्तियों को बेचकर पूंजी जुटाने की तैयारी में है।

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इस बात से भी अवगत करा दें कि इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टिगेशन एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (डीआईपीएएम) को नीति आयोग ने लिस्ट भी भेज दी है। बता दें कि अधिकारी ने बताया कि इसके बाद संबंधी मंत्रालय और पब्लिक सेक्टर कंपनियों को बिक्री प्रक्रिया शुरू करने में आसानी होगी।

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इस बात की भी जानकारी दें कि इस सूची को नीती आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने नोडल मंत्रालयों के सचिवों के परामर्श से तैयार किया था। वहीं अधिकारी ने बताया हैं कि तय समय के अंदर जब भी जरूरत होगी, हम नए लिस्ट निकालते रहेंगे। अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि बदरपुर में बंद हो चुके एनटीपीसी के प्लांट में 400 एकड़ की जमीन है। वहीं, दूसरी संपत्तियों में सेल (SAIL) की ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट भी शामिल है।

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बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में 2,350 करोड़ रुपये जुटाए, जिसके लिए 90,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं 2018-19 में, इसने 80,000 करोड़ रुपये के बजट का लक्ष्य के मुकाबले 84,972.16 करोड़ रुपये जुटाए।

राजीव कुमार नीति आयोग के फिर उपाध्यक्ष नियुक्त

इस बात की भी जानकारी दें कि अर्थशास्त्री राजीव कुमार को राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था (नीति) आयोग का गुरुवार को दुबारा उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हालांकि कुमार का वर्तमान कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा था। बता दें कि मंत्रिमंडलीय सचिवालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग के पुर्नगठन को मंजूरी दे दी है, जिसमें वैज्ञानिक वी.के. सारस्वत, कृषि अर्थशास्त्री रमेश चंद और डॉ. वी.के. पॉल पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शामिल हैं।

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जबकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त और कार्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण संस्था के पदेन सदस्यों में शामिल हैं। उनकी पिछली सरकार के मंत्रिमंडल ने 24 मई को 17वीं लोकसभा चुनाव के बाद इस्तीफा दे दिया था। 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून (सोमवार) को समाप्त हुआ था।