नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने भारत (India) को विशेष तरजीह (Special preference) वाले देशों की सूची से बाहर कर दिया है। जी हां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (U.S. President Donald Trump) ने भारत को बहुत बड़ा झटका देते हुए GSP (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस) दर्जा वापस ले लिया है। ट्रंप ने 4 मार्च को इस बात की घोषणा की थी कि वह जीएसपी कार्यक्रम (GSP Program) से भारत को बाहर करने वाले हैं। इसके बाद 60 दिनों की नोटिस अवधि (Notice period) तीन मई को समाप्त हो गई। GSP दर्जा समाप्त करने को लेकर ट्रंप प्रशासन (Trump administration)की तरफ से कहा गया कि अमेरिका अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (Prime Minister Narendra Modi Government) के साथ किस तरह काम करता है, यह आने वाले दिनों में तय किया जाएगा।
GSP दर्जा क्या होता है?
बता दें कि GSP दर्जा जिस देश को मिलता है वह अमेरिका (America) को हजारों सामान बिना टैक्स (Without tax) चुकाए निर्यात करता है। ऐसे में अब भारत जो भी सामान अमेरिका को निर्यात (Export to the US) करेगा उस पर टैक्स (Tax) चुकाना होगा। टैक्स चुकाने की वजह से भारत के सामान अमेरिका (America) में महंगे हो जाएंगे और इससे उसकी बिक्री पर असर होगा। वहीं अगर भारत का सामान महंगा मिलने लगेगा तो भारत का निर्यात धीरे-धीरे कम हो सकता है। निर्यात कम होना अर्थव्यवस्था (Economy) के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि भारत पहले से ही व्यापार घाटा (ट्रेड डेफिसिट) से जूझ रहा है। व्यापार घाटा का मतलब होता है जब एक देश का निर्यात (Country export) उसके आयात से कम हो। हालांकि भारत 2017 में GSP कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा। वहीं वर्ष 2017 में भारत ने इसके तहत अमेरिका को 5.7 अरब डॉलर का निर्यात किया था।
क्या फायदा होता है GSP दर्जे से
GSP दर्जा जिस देश के पास होता है वह अमेरिका (America) में करीब 2000 सामान टैक्स फ्री (Tax free) बेच सकता है। इसमें ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स (Automobile spare parts) भी शामिल है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने कहा कि भारत ने अमेरिका (America) को अपने बाजार में व्यापार (Business in the market) करने के लिए समान अवसर नहीं दिए हैं। ऐसे में भारत को GSP दर्जा जारी रखने का कोई मतलब नहीं है। बता दें, अमेरिका के कई सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) से अपील की थी कि वे भारत के खिलाफ यह फैसला नहीं लें। लेकिन, उन्होंने किसी की बात नहीं मानी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान