नई दिल्ली: वर्ष 2000 के पहले के वाहनों (Vehicles) को खरीदना और रखना महंगा हो सकता है। खासकर कॉमर्शियल व्हीकल (Commercial vehicle) पर सबसे ज्यादा महंगाई की मार पड़ने वाली है। केंद्र सरकार (central government) के प्रस्ताव के मुताबिक वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन (Registration) पर भारी टैक्स (Tax) देना पड़ सकता है जो कि पहली रजिस्ट्रेशन फीस (Registration fee) से 15 से 20 गुना हो सकता है।
कई स्टडी से मालूम चला है कि पुराने वाहन (Old vehicles) , नए वाहनों (New vehicles) के मुकाबले 25 गुना ज्यादा प्रदूषण (Pollution) फैलाते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार (central government) ने पुराने वाहनों को सड़क से हटाने के लिए एक ब्लूप्रिंट फाइनल (Blueprinting finals) किया है। इस प्रस्ताव को अगले तीन से चार माह में लॉन्च की जा सकती है। इस प्रस्ताव पर सरकार का थिंकटैंक नीति आयोग तेजी से काम कर रहा है।
बता दें कि इस प्रस्ताव के तहत पुराने वाहन को नष्ट करके नया वाहन (New vehicle) खरीदने वालों को सरकार की तरफ से कुछ आर्थिक फायदा दिया जा सकता है।
इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस (Registration fee) में छूट मिल सकती है। सरकार इस मालमे में व्हीकल मैन्युफैक्चर्र (Vehicle Manufacturer) से भी पुराने वाहन को नष्ट करने नया वाहन लेने वालों को डिस्काउंट (Discount) देने को लेकर बातचीत करेगी। इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार (central government) राज्यों के साथ भी सलाह मशविरा कर रही है।
इस प्रस्ताव के तहत साल 2000 से पुराना व्हीकल (Old vehicle) खरीदने पर ज्यादा टैक्स (Tax) चुकाना पड़ सकता है। इस प्रस्ताव में 15 से 20 फीसदी ज्यादा रजिस्ट्रेशन फीस (Registration fee) का सुझाव दिया गया है। य़ह फीस दोबारा से रजिस्ट्रेशन (Registration) कराने वाले पेट्रोल और डीजल (Petrol and diesel) दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगी। इसके साथ ही सरकार ने इस बारे में राज्य सरकारों (State governments) से भी स्क्रैप प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए विचार-विमर्श (discussion) किया है। साथ ही निश्चित आबादी वाले शहरों में पुराने वाहनों को अंदर घुसने से रोकने के लिए कड़े नियम बनाने के लिए कहा है।
जानकारी दें कि सरकार (Government) 15 साल पुराने वाहनों (Old vehicles) के लिए साल में 2 बार फिटनेस टेस्ट अनिवार्य (Fitness test mandatory) कर सकती है, जो कि अभी साल में एक बार है। साथ ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू (Registration Renew) कराने की फीस (Fee) में भी इजाफा किया जा सकता है। कानून के मुताबिक हर एक वाहन (Vehicle) का 15 साल के बाद दोबार रजिस्ट्रेशन कराना होता है, जबकि दोबारा रजिस्ट्रेशन (registration) केवल अगले 5 साल के लिए होता है।
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