नई द‍िल्‍ली: अगर आप भी एसबीआई (SBI) के ग्राहक (Customer) है तो आपके ल‍िए वाकई अच्‍छी खबर है। जी हां देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में आपका खाता (Account) हैं और आप अपने बैंक की सेवाओं (Bank services) से परेशान है तो इस नाराजगी को दूर करने और अपनी शिकायत या समस्या को सुलझाने के लिए SBI के बड़े अधिकारी आपसे मिलने आ रहे हैं।

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28 मई की तारीख ना भूलें

भारत के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) 28 मई को ग्राहकों की शिकायतों को समझने और सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ग्राहक (Nationwide customer) बैठक का आयोजन करेगा। इस पहल के तहत, एसबीआई अपने 17 स्थानीय कार्यालयों (एलएचओ) के माध्यम से 500 से अधिक स्थानों पर 1 लाख से अधिक ग्राहकों के साथ जुड़ना चाहता है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों में बैंक (Bank) के प्रति भरोसा विकसित करना है। इस बैठक में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

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ग्राहकों की समस्‍याओं को दूर किया जायेगा

बता दें कि बैठक के दौरान, ग्राहक अपनी चिंताओं पर चर्चा करने और उत्पादों और सेवाओं पर प्रतिक्रिया (Feedback on services) और सुझाव साझा करने के लिए बैंक कर्मचारियों के साथ बातचीत कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि एसबीआई ग्राहकों (SBI customers) को वैकल्पिक बैंकिंग चैनलों (Banking channels) और योनो एसबीआई (YONO sbi), एक ओमनी-चैनल डिजिटल बैंकिंग और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में भी शिक्षित करेगा।

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एसबीआई को 838 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट

जानकारी दें कि हाल ही में लोन क्वालिटी में सुधार और लोन की लागत में गिरावट से भारतीय स्टेट बैंक (state bank of india) (एसबीआई) ने 2018-19 की चौथी तिमाही में 838 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इसकी तुलना में बैंक को 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही में 7,718 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। मार्च में खत्म वित वर्ष 2018-19 में बैंक का शुद्ध लाभ 862 करोड़ रुपये रहा। 2017-18 में उसे 6547 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (net loss) हुआ था।

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वहीं बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार (Chairman Rajneesh Kumar) ने कहा, 'बैंक ने सभी मानकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। स्थितियों में बदलाव आया है। लोन ऐसेट (Loan asset) की क्वालिटी में सुधार दिख रहा है। ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए (NPA) दोनों में गिरावट दर्ज की गई है।' उन्होंने कहा कि लोन कॉस्ट भी एक फीसदी सुधर कर 2.66 फीसदी हो गई है। इससे एक साल पहले यह 3.62 फीसदी थी।