नई दिल्ली: आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रही एयरलाइन कंपनी (Airline company) जेट एयरवेज (Jet airways) की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। दरअसल, मंगलवार को जेट एयरवेज (Jet Airways) के दो बड़े अधिकारियों ने इस्तीफा (Officials resign) दे दिया। पहला इस्तीफा मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित अग्रवाल (CFO Amit Agarwal) का हुआ जबकि कंपनी को दूसरा झटका देते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे (CEO Vinay Dube) ने इस्तीफा दे दिया। दुबे इससे पहले डेल्टा एयरलाइंस (Delta Airlines,), सैबर इंक और अमेरिकन एयरलाइंस (American Airlines) में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके चुके हैं। वह जेट एयरवेज (Jet Airways) से अगस्त, 2016 में जुड़े थे।
जेट एयरवेज (Jet airways) ने मंगलवार को एक रेग्युलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) में कहा, सीईओ विनय दुबे (CEO Vinay Dubey) ने व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। दुबे ने लगभग 15 महीने पहले चीफ एग्जीक्यूटिव (Chief executive) क्रामेर बाल के इस्तीफे के बाद यह पद संभाला था और तब से कार्यकारी सीईओ (CEO) की जिम्मेदारी निभा रहे थे। बता दें कि विनय दुबे बीते कुछ समय से जेट एयरवेज (Jet Airways) को बचाने की कवायद में जुटे थे। उन्होंने एयरलाइन की परिचालन (Airline operations) को शुरू करने के लिए बैंकों (Bank) से भी इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) की मांग की थी। इसके अलावा सैलरी नहीं मिलने की वजह से टूट रहे कर्मचारियों (Employees) को भी एकजुट कर रहे थे। ऐसे में उनका इस्तीफा कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा झटका है।
एसबीआई (SBI) की अगुआई वाले लेंडर्स (lenders) के कंसोर्टियम को एयरलाइन (Airline) के वास्ते खरीददार की तलाश में खासा जूझना पड़ रह है। कंपनी को आर्थिक संकट (Economic Crisis) के कारण पिछले महीने के मध्य में अपने ऑपरेशन (operation) को पूरी तरह बंद करना पड़ गया था। जेट एयरवेज (Jet Airways) पर लगभग 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। एक साथ दो बड़े अधिकारियों के इस्तीफे (Resignation) से जेट के शेयर (Jet Share) में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर (Company share) शुरुआती कारोबार में ही लगभग 13 फीसदी टूट गया और 122 रुपए का दिन का लो छूआ। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी (Recovery) देखने को मिली और शेयर 7.50 फीसदी कमजोर होकर 129 रुपए पर बंद हुआ।
मंगलवार को ही कंपनी के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव (Deputy chief executive) अमित अग्रवाल (Amit Agarwal) ने भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भी इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों को वजह बताया। दो शीर्ष अधिकारियों (Officials) के इस्तीफे (Resignation) के बाद कंपनी (Company) की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। इससे पहले अप्रैल में पूर्व चीफ इलेक्शन कमीशन (Former Chief Election Commissioner) नसीम जैदी ( Nasim Zaidi) भी अपने पद से इस्तीफा (Resignation) दे चुके हैं।
जानकारी दें कि जेट एयरवेज (Jet Airways) का अप्रैल से ही संचालन बंद है। इसके चलते जेट एयरवेज के हजारों कर्मचारियों (Employees) को नौकरी गंवानी पड़ी। हालांकि अब जेट के अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एतिहाद (Jet's international partner Etihad) ने हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है। लेकिन वह सिर्फ 1700 करोड़ रुपए निवेश (Investment) करेगी। वहीं शुक्रवार को जेट (Jet) के लिए बोली लगाने की समयसीमा खत्म हो गई और तब तक सिर्फ एतिहाद (Etihad) ने ही बोली लगाई थी। जेट को कम से कम 15,000 करोड़ के निवेश की जरूरत है।
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