नई दिल्ली: देश के बड़े प्राइवेट बैंक (Private bank) एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने ब्याज दरों (Interest rates) में कटौती का ऐलान किया है। बैंक ने एमसीएलआर (MCLR) में 0.10 फीसदी तक की कटौती की है। जानकारी दें कि ये कटौती सभी टेन्योर (Tenure) के लोन पर लागू होगी। बता दें नई दरें आज से ही लागू हो गई है। जिसके बाद से बैंक (bank) का होम लोन (home loan), ऑटो लोन (auto loan) और पर्सनल लोन (personal loan) सस्ता हो जाएगा। आपको इस बात से अवगत करा दें कि एमसीएलआर (MCLR) घटने से आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसका मौजूदा लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम ईएमआई (EMI) देनी पड़ती है।
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी पिछली पॉलिसी में रेपो रेट (Repo rate) 0.25 फीसदी तक घटा दिया है। इस कटौती के बाद दरें 6 फीसदी पर आ गई है। जैसा कि हम जानते हैं कि RBI के इस फैसले के बाद एसबीआई (SBI) समेत कई बड़े बैंकों ने लोन (loan) पर ब्याज दरें घटा दी है।
जानकारी दें कि MCLR को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं। इसमें बैंक अपने फंड (fund) की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। वहीं ये बैंचमार्क दर होती है। इसके बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर एमसीएलआर (MCLR) कम होने से लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम ईएमआई (EMI) देनी पड़ती है।
क्या होता है रेपो रेट
बता दें कि रेपो रेट (Repo rate) वह दर होती है, जिस पर आरबीआई (RBI) बैंकों को कर्ज देता है। दरअसल, जब भी बैंकों के पास फंड की कमी होती है, तो वे इसकी भरपाई करने के लिए केंद्रीय बैंक (central bank) यानी आरबीआई (RBI)से पैसे लेते हैं। आरबीआई की तरफ से दिया जाने वाला यह लोन एक फिक्स्ड रेट पर मिलता है। यही रेट रेपो रेट कहलाता है। बता दें कि इसे भारतीय रिजर्व बैंक हर तिमाही के आधार पर तय करता है।
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