नई दिल्ली: दुनिया भर के देश अपने व्यापार को बचाने के लिए संरक्षणवाद (protectionism) की नीति अपना रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने कहा कि संरक्षणवाद से वास्तव में नौकरियों को बचाने में मदद नहीं मिलती है। बल्कि यह ऑटोमेशन एवं कृत्रिम मेधा (Automation & Artificial Meditation) के रोजगार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव से थोड़ा बचाव उपलब्ध कराता है। वहीं उन्होंने कहा कि औद्योगिक और विकासशील देश (Industrial and developing countries) वैश्वीकरण (Globalization) और प्रौद्योगिकी से वंचित लोगों की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया को नजरंदाज करने का जोखिम नहीं उठा सकते।
जानकारी दें कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर (Former governor) ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में '2019 ईसीओएसओसी (ECOSOC) फोरम ऑन फाइनेंसिंग फॉर डेवलपमेंट' (Forum on Financing for Development) को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद छह दशक तक दुनिया में बहुत अधिक समृद्धि का माध्यम रही खुली उदार लोकतांत्रिक (Democratic) बाजार व्यवस्था अभी दबाव में है।
ऑटोमेशन एवं कृत्रिम मेधा से नौकरियों को बचाने में थोड़ी मदद मिलती
इस बात का भी उन्होंने जिक्र किया कि दिलचस्प है कि इस बार इसके आलोचक कुछ अतिवादी शिक्षाविद (Extremist educator) या वाम नेता नहीं हैं। बल्कि वे विश्व के सबसे समृद्ध देशों के कुछ नेता हैं। ये वैसे देश हैं, जिन्हें खुले विश्व बाजार से बहुत अधिक फायदा हुआ। राजन का कहना हैं हम जानते हैं कि वास्तव में संरक्षणवाद (Protectionism) से नौकरियों को बचाने में मदद नहीं मिलती। हालांकि ऑटोमेशन एवं कृत्रिम मेधा (Automation & Artificial Meditation) से नौकरियों (jobs) को बचाने में थोड़ी मदद मिलती है।
संरक्षणवाद क्या है
जानकारी दें कि संरक्षणवाद वह आर्थिक नीति (economic policy) है जिसके जरिए हर देश दूसरे देशों के लिए व्यापार निरोधक बनते हैं। इसके लिए दूसरे देशों से आयातित वस्तुओं (Imported goods) पर शुल्क लगाया जाता है। इसके अलावा अन्य तरीकों से आयात को हतोत्साहित किया जाता है। सरकार यह नीति अपने देश के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अपनाती हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान