नई द‍िल्‍ली: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) ने प्रत्यर्पण के खिलाफ यूके (UK) के हाईकोर्ट (high court) में शुक्रवार को दूसरी बार याचिका दायर की। पहली याचिका 5 अप्रैल को खारिज हो गई थी। उसके बाद मौखिक रूप से सुनवाई की अर्जी देने के लिए 5 कामकाजी दिनों का वक्त मिला था। लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट (Westminster Court) ने दिसंबर में माल्या के भारत प्रत्यर्पण (India Extradition) की इजाजत दी थी। फरवरी में यूके (UK) के गृह विभाग ने भी मंजूरी दे दी थी। उसके बाद माल्या ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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13 बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए बकाया

आपको बता दें कि माल्या (mallya) के खिलाफ फ्रॉड (Fraud), मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering), फेमा के उल्लंघन के आरोप हैं। विजय माल्या (vijay mallya) पर भारत के 13 बैंकों (bank) से 9 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस (Kingfisher Airlines) ने बैंकों से लोन (bank loan) लिया था। मार्च 2016 में माल्या लंदन भाग गया। मुंबई की विशेष अदालत (PMLA) (पीएमएलए) उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय देश-विदेश में उसकी संपत्तियां अटैच कर चुका है।

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जानकारी दें कि दिसंबर 2018 में लंदन (london) की वेस्टमिंस्टर कोर्ट (Westminster Court) ने माल्या को भारत भेजने का फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद प्रत्यर्पण (Extradition) संबंधी आदेश की फाइल होम सेक्रेटरी (Home secretary) को भेज दी गई थी। होम ऑफिस ने भी माल्या के प्रत्यर्पण संबंधी फाइल (file) पर दस्तखत कर दिए थे।

वहीं इस बात से भी अवगत करा दें कि ब्रिटेन कोर्ट के प्रत्यर्पण वाले आदेश के बाद माल्या ने भारत के बैंकों (indian bank) से लिए लोन का मूलधन वापस करने की पेशकश भी की थी। उसने ट्वीट कर कई बार कहा था कि वह मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने को तैयार है और इसे स्वीकार किया जाए.