नई द‍िल्ली: इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस समूह (Infrastructure Finance Group) आईएल एंड एफएस (IL&FS) की कंपनी आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) के पूर्व एमडी और सीईओ रमेश बाबा को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन (Serious Fraud Investigation) ऑफिस (एसएफआईओ) ने गिरफ्तार कर लिया।

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बता दें कि जानकारी के अनुसार आईएल एंड एफएस (IL&FS) और इसके समूह संस्थाओं (Group institutions) के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में पूर्व आईएल एंड एफएस के एमडी (MD) और सीईओ (CEO) रमेश बावा (Ramesh baba) को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने गिरफ्तार किया है। बता दें क‍ि एसएफआईओ (IFIO) ने 1 अप्रैल को पूर्व चेयरमैन हरि शंकरन (Hari sankaran) को भी इस मामले में गिरफ्तार (arrest) किया था। उन्हें धोखाधड़ी में शामिल होने तथा कंपनी तथा उसके कर्जदाताओं (Lenders) को नुकसान पहुंचाने को लेकर गिरफ्तार किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

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90,000 करोड़ रुपए का कर्ज आईएल एंड एफएस (IL&FS) पर

इस बात से अवगत करा दें कि ग्रुप (group) की कंपनियों ने सितंबर 2018 में कर्ज लौटाने में पहली बार डिफॉल्ट (Default) किया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को सरकार (government) ने इसके बोर्ड (board) को भंग कर उदय कोटक (uday kotak) की अध्यक्षता में नया बोर्ड बनाया। ग्रुप पर 90,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।

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हरि शंकरन पर धोखाधड़ी के आरोप

आपको बता दें कि शंकरन को आईएल एंड एफएस (IL&FS)तथा उसकी समूह इकाइयों के खिलाफ जारी जांच के संदर्भ में मुंबई में गिरफ्तार किया गया। इतना ही नहीं आईएल एंड एफएस मामले में जांच एजेंसी (Investigation agency) की तरफ से यह पहली गिरफ्तारी थी। शंकरन को आईएल एंड एफएस में अपनी शक्तियों के दुरूपयोग को लेकर गिरफ्तार किया गया। जानकारी दें कि हरि शंकरन (Hari sankaran) पर आरोप है कि वह धोखाधड़ी (fraud) में शामिल हुए। और तो वैसी इकाइयों को कर्ज दिये, जो कर्ज देने लायक नहीं थे तथा उन्हें गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Non-executed asset) (एनपीए) घोषित किया गया। इससे कंपनी तथा उसके कर्जदाताओं को नुकसान हुआ।