मुंबई। संकट में फंसी वित्तीय कंपनी आईएलएंडएफएस (IL&FS) के पूर्व चेयरमैन हरि शंकरन (Former Chairman of IL&FS Hari Sankaran) को सीरियस फ्रॉड इंवेस्टीगेशन आफिस (SIFO) ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान अधिकार के दुरुपयोग का आरोप (Accused of misuse of authority) है। उन्हें 4 अप्रैल तक एसएफआईओ (SIFO) की हिरासत (Custody) में भेज दिया गया है। उम्मीद है कि इस मामले पर इसके बाद जांच में तेजी आएगी। इस मामले के चलते कई म्युचुअल फंड (mutual fund) कंपनियां का पैसा फंस गया है।

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आइएलएंडएफएस (IL&FS) मामले में पहली गिरफ्तारी
आइएलएंडएफएस (IL&FS) मामले में जांच एजेंसी द्वारा यह पहली गिरफ्तारी है। शंकरण को मुंबई में आइएलएंडएफएस (IL&FS) और इसके समूह संस्थाओं के मामलों की चल रही जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। हरि शंकरण (Hari Sankaran) को आइएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (IL&FS) में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी करने और उन संस्थाओं को ऋण देने जो कि क्रेडिट-योग्य नहीं थीं या जिन्हें गैर-निष्पादित खाते (npa) के रूप में घोषित किया गया था, के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस तरह की गलत कार्यवाहियों से कंपनी और उसके लेनदारों को नुकसान हुआ है। एजेंसी को 4 अप्रैल तक हरि शंकरण (Hari Sankaran) को हिरासत में रखने की अनुमति मिल गई है।

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ये है आईएलएंडएफएस मामला (This is IL&FS case)
जानकारी के अनुसार आईएलएंडएफएस फाइनेंशल सर्विसेज लिमिटेड (IL&FS) ने डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt instruments) और बैंक लोन (bank loan) के जरिये 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का लोन ले रखा है। प्रोविडेंड फंड (Provident Fund), पेंशन फंड्स (Pension funds), ग्रैच्युटी फंड्स (Gratuity funds), म्यूचुअल फंड्स (mutual fund), पब्लिक एंड प्राइवेट सेक्टर के बैंकों (Public and private sector banks) ने कंपनी के डेट इंस्ट्रूमेंट में भारी निवेश किया है। गौरतलब है कि आइएलएंडएफएस (IL&FS) में कथित वित्तीय अनियमितता पिछले साल तब सामने आई जब समूह की कुछ संस्थाएं कर्ज चुकाने में चूक (Unable to pay a loan) कर रही थीं।

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