नई दिल्ली : सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) में 5,042 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का फैसला किया है। इस बात से अवगत करा दें कि विजया बैंक और देना बैंक के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) का विलय किए जाने से पहले सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा को करीब 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी दिए जाने का फैसला लिया है।
इतना ही नहीं बैंक के शेयर पर भी इसका खासा असर देखने को मिला है। जी हां सरकार द्वारा पूंजीगत मदद के एलान के बाद बैंक के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया है। बता दें कि एसएंडपी बीएसई में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में करीब 6 फीसद तक की तेजी आई है।
वहीं दूसरी ओर स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बैंक ने बताया है कि वित्त मंत्रालय ने विलय से पहले बैंक ऑफ बड़ौदा में 5,042 करोड़ रुपये की पूंजी डाले जाने की घोषणा की है। इस बात से अवगत करा दें कि तीनों बैंकों का विलय एक अप्रैल से प्रभावी होगा।
हालांकि समझौते के तहत विजया बैंक के शेयरधारक को प्रति 1000 शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा का 402 शेयर मिलेगा। वहीं देना बैंक के मामले में शेयरधारकों को प्रति 1000 शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर मिलेंगे।
सबसे पहले State Bank of India (SBI) और ICICI के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। देना बैंक और विजया बैंक के कर्मचारी, खाते, शेयर आदि बैंक ऑफ बड़ौदा के अधीन आ जाएंगे। इस विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कुल 9401 बैंक शाखाएं और कुल 13432 एटीएम हो जाएंगे। देश में SBI के 59,291 एटीएम और 18 हजार से ज्यादा शाखाएं हैं। वहीं ICICI के पास 4,867 शाखाएं और 14,367 एटीएम हैं।
दूसरी और आपको यह भी बताना चाहेंगे कि इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर तथा दो नॉन-लिस्टेड बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला तथा स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद के साथ-साथ भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में विलय कर दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक विलय से देना और विजया बैंक के ग्राहकों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक धीरे-धीरे बैंकों के चेकबुक, अकाउंट नंबर या कस्टमर आईडी में बदलाव संभव है। जबकि पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर जीएस बिंद्रा के मुताबिक विलय के बाद बैंक शाखाओं के IFSC कोड बदल सकते हैं। हालांकि इन बदलावों पर आखिरी फैसला बोर्ड करेगी।
आपको इस बात का ध्यान देना होगा कि बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट के मुताबिक भारत समेत दुनिया के 22 देशों में इस बैंक के 8.2 करोड़ ग्राहक हैं। वहीं देना और विजया बैंक के ग्राहकों की भी बड़ी तादाद है। ऐसे में अगर आप इन बैंकों के कस्टमर हैं तो यह सुनिश्चित करें कि आपका ईमेल अड्रेस और मोबाइल नंबर बैंक के पास अपडेटेड है या नहीं। दरअसल, बैंक के किसी भी बदलाव के बारे में आपको फोन मैसेज या मेल के जरिए ही दी जाएगी।
शाखाओं के विलय के बाद विजया और देना बैंक की कितनी शाखाएं बंद की जाएंगी, इसको लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा के जीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि बैंकों के विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देखा जाएगा कि किस-किस नजदीकी शाखा को बंद किया जाए। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों के आइटी इंटीग्र्रेशन का काम चल रहा है। जिसको पूरा होने में 18 माह का समय लगेगा। इसके बाद बैंकों का पूरी तरह से विलय हो जाएगा।
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