नई दिल्ली: कुछ दिनों बाद 1 अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत होने वाली है। इस दिन से कई तरह के नियम कायदे भी बदलते हैं। इस बार भी 1 अप्रैल से कई चीजें बदलने वाली है। कई तरह के नये नियम आने वाले हैं। इनकी जानकारी आपको होना जरूरी है। ये बदलाव आपकी नौकरी, पैन कार्ड, प्रॉपर्टी, जीएसटी, बैंक, ईपीएफ और निवेश से जुड़े हुए हैं।
फिर चाहे वह लोन की EMI हो, घर खरीदना हो, इनकम टैक्स हो या ट्रेन से सफर करना। इन नए नियमों में बजट 2019 को पेश करने के दौरान हुए एलान भी शामिल हैं। आइए बताते हैं नए वित्त वर्ष से लागू होने जा रहे ऐसे ही नियमों या यूं कहें बदलावों के बारे में-
अगर आप सस्ता घर खरीदने की सोच रहे हैं तो 1 अप्रैल से आपको मौका मिलने वाला है। दरअसल, रियल एस्टेट सेक्टर के लिए जीएसटी की नई दरें 1 अप्रैल से लागू होने वाली है। इसके तहत निर्माणाधीन मकानों पर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी और किफायती दरों के घर पर 8 से घटाकर 1 फीसदी GST कर दिया गया है।इस नियम के लागू होने का फायदा यह होगा कि निर्माणाधीन और किफायती घरों की कीमत पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी।
नए वित्त वर्ष से इंडियन रेलवे संयुक्त पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) जारी करेगा। इसके तहत अब रेल यात्री एक यात्रा के दौरान एक के बाद दूसरी ट्रेन में सफर करेंगे तो उन्हें संयुक्त PNR मिलेगा। PNR एक यूनीक कोड होता है, जिससे ट्रेन और यात्री की जानकारी मिलती है।
नए नियम के आने से अगर यात्रियों की पहली ट्रेन लेट हो जाती है और इसके चलते उनकी अगली ट्रेन छूट जाती है तो वे बिना कोई पैसे दिए आगे की यात्रा रद्द कर सकेंगे। अभी एक यात्रा के लिए 2 ट्रेन बुक करने पर यात्रियों के नाम पर 2 PNR नंबर जनरेट होते हैं। नए नियम लागू होने के बाद दोनों PNR को लिंक कर दिया जाएगा। इससे रिफंड मिलना भी आसान हो जाएगा।
सभी वाहन निर्माताओं के लिए अप्रैल 2019 से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) अनिवार्य होगी। यानी 1 अप्रैल 2019 से मार्केट में आने वाले सभी वाहनों में पहले से ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी होगी। ऐसे में कस्टमर्स को इसे पाने के लिए परिवहन विभाग में लाइन लगाकर इंतजार नहीं करना होगा। वाहन निर्माता कंपनियों को अब गाड़ी को बेचने से पहले डीलर्स को इसे गाड़ी पर लगाकर ग्राहकों को देना होगा।
नए सरल GST रिटर्न फॉर्म 1 अप्रैल 2019 से जारी हो जाएंगे। जुलाई 2018 में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने ड्राफ्ट जीएसटी रिटर्न फॉर्म ‘सहज' और ‘सुगम' को लोगों की टिप्पणी के लिए जारी किया था। ये फॉर्म GSTR-3B (summary sales return form) and GSTR-1 (final sales returns form) की जगह लेंगे।
वहीं 1 अप्रैल से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बड़ा बदलाव लागू कर सकता है। नए नियम के तहत अब नौकरी बदलने पर आपका पीएफ अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा। कहने का मतलब ये है कि नौकरीपेशा लोगों को अगले वित्त वर्ष से नौकरी बदलने पर PF अमाउंट ट्रांसफर करने का अनुरोध करने की जरूरत नहीं होगी। अब तक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) रखने के बाद भी PF अमाउंट के ट्रांसफर के लिए अलग से अनुरोध करना पड़ता है।
बजट 2019 के दौरान इनकम टैक्स के मोर्चे पर की गई घोषणाएं 1 अप्रैल 2019 से लागू होने जा रही हैं। इसके तहत टैक्स रिबेट की सीमा बढ़ाए जाने के चलते 5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाना, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये किया जाना, बैंक या डाकघरों में जमा पर आने वाला 40000 रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होना, किराए पर TDS की सीमा को 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये किया जाना, किसी व्यक्ति के दूसरे सेल्फ ऑक्यूपाइड मकान को भी टैक्स फ्री किया जाना, एक मकान को बेचकर मिले पैसों से दो मकान खरीदने पर अब दोनों मकानों पर टैक्स से छूट का लाभ मिलना शामिल है।
बता दें कि 1 अप्रैल से आप मोबाइल की तरह बिजली का भी रिचार्ज कर सकेंगे। इसका मतलब ये है कि अब ग्राहक 30 दिनों के लिए अनिवार्य भुगतान की बजाय, सिर्फ उतना ही भुगतान करेंगे जितनी बिजली का इस्तेमाल करेंगे। दरअसल, बिजली के बढ़ते बिल की शिकायतों का हल निकालने के लिए सरकार ने यह पहल की है।
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