International Women's day: अगर आप वर्किंग महिला हैं तो आपको इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's day) से कुछ ऐसे बदलाव करने चाहिए। जिससे आपको बचत हो। खासकर आपको टैक्स सेविंग (tax saving) की ओर जरूर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि अकसर देखा गया हैं कि वर्तमान समय में मध्यम वर्ग की कामकाजी महिलाएं अपनी तनख्वाह में से टैक्स की कटौती को लेकर चिंतित रहती हैं। लेकिन अब उन्हें इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कुछ तरीके ऐसे हैं, जिनके जरिए वे अपना टैक्स बचा सकती हैं।
हालांकि यह भी सच हैं कि समय के साथ भारत में कई क्षेत्रों में महिला और पुरूष का अंतर कम हो गया है। चाहे फाइनेंशियल जिम्मेदारियां हो या घर के काम को साझा करना हो या फिर बच्चों का पालन-पोषण करना हो। वेल्थ तैयार करने की इच्छा और निवेश करने की बात इस दायरे से बाहर नहीं है। तो चलिए आज हम आपको बताते है भारत में महिलाओं के लिए टैक्स बचाने के कई तरीके हैं।
नई पीढ़ी के यूलिप के प्रचलन में आने और युवाओं के बीच सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प होने के साथ ही यह धारा 80सी के तहत टैक्स छूट भी प्रदान करते हैं। लगभग बिना किसी प्रीमियम आवंटन शुल्क और पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन शुल्क के साथए यूलिप्स एक कम लागत वाला निवेश उत्पाद है। आईआरडीएआई ने फंड मैनेजमेंट शुल्क की उच्चतम सीमा 1.35 फीसदी तय की है, ऐसे में इसके सभी प्रोडक्ट में यह दर 1 से 1.35 प्रतिशत के बीच है।
वहीं इसमें आपके निवेश का एक भाग जीवन बीमा के लिए जाता है। इसके अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए दूसरा भाग मार्केट में निवेश कर दिया जाता है। इसकी कई अन्य विशेषताएं भी हैं जैसे विभिन्न फंड्स के बीच नि:शुल्क अदला-बदली, मृत्यु पर प्रीमियम से मुक्ति, आय लाभ और लॉयल्टी एडिशन इत्यादि है।
हालांकि बीमा एक सुरक्षा साधन है, लेकिन टैक्स बचाने के लिए यह कभी भी प्राथमिक साधन नहीं रहा है, लेकिन फिर भी यह जीवन बीमा के अंतर्गत धारा 80सी एवं 10 (10डी) के तहत और स्वास्थ्य बीमा में 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ प्रदान करता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) एक सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय लंबी अवधि निवेश और टैक्स बचत योजनाओं में से एक है। पीपीएफ पर ब्याज की दर सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है और इसकी लॉक-इन अवधि 15 वर्ष है, इसलिए यह निवेशक को कर-मुक्त लाभ प्रदान करता है। हालांकि अन्य विकल्पों में बाजार से जुड़े उत्पादों में निवेश शामिल हैं, ये अपने अलग जोखिम के साथ आते हैं लेकिन अच्छे रिटर्न भी देते हैं।
नौकरीपेशा महिलाओं के लिए टैक्स बचत के विकल्पों की योजना बनाते समय, 80डी एक ऐसा सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन है जिस पर अवश्य ध्यान दिया जाना चाहिए। यह प्रति वर्ष 25,000 रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर कर योग्य आय में कटौती की सुविधा प्रदान करता है। स्वास्थ्य बीमा प्रत्येक व्यक्ति और खासतौर पर वेतनभोगी महिलाओं के लिए एक बुनियादी जरूरत है क्योंकि स्वास्थ्य बीमा के लिए प्रीमियम का भुगतान करने से न केवल आपको बीमा कवर मिलता है, बल्कि कई सारे टैक्स लाभ भी मिलते हैं।
पीपीएफ (PPF), एनपीएस (NPS), यूलिप कुछ ऐसे निवेश विकल्प जिन्हें आप अपना पैसा लगाने के लिए चुन सकते हैं। ये हर साल आपका 1,50,000 रुपए तक टैक्स बचा सकते हैं। महिलाएं, जो अपने सेवानिवृत्ति के दिनों के लिए बचत करना चाहती हैं, उन्हें अपने निवेश की ग्रोथ पर सक्रिय रूप से ध्यान देना चाहिए।
50 हजार का अतिरिक्त लाभ
एनपीएस (NPS)में निवेश करने से धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है।
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