मुंबई। ग्रामीण भारत में इंटरनेट (Internet) की बढ़ती पहुंच के कारण, इस साल के अंत तक देश में इंटरनेट यूजर्स (Internet users) की संख्या 62.7 करोड़ को पार कर जाएगी, जो 2018 के 56.6 करोड़ यूजर्स से 11 प्रतिशत ज्यादा होंगे। यहां जारी एक नई रिपोर्ट से यह जानकारी दी गई है। मार्केट रिसर्च कंपनी कंतार आईएमआरबी (Kantar IMRB) की तरफ से जारी रिपोर्ट आईसीयूबीईटीएम 2018 के अनुसार, जहां शहरों में इंटरनेट यूजर्स (Internet users) की संख्या सात प्रतिशत बढ़कर 2018 में 31.5 करोड़ हो गई थी, वहीं ग्रामीण भारत में 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अनुमान है कि ग्रामीण भारत में 25.1 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं, और यह संख्या 2019 के अंत तक 29 करोड़ हो सकती है। वहीं सस्ते इंटरनेट डेटा होने का सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को मिला है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की न सिर्फ संख्या बढ़ी है बल्कि इंटरनेट में अब महिलाएं समय भी ज्यादा बिता रही हैं।
कंतार आईएमआरबी ने जारी की रिपोर्ट
मार्केट रिसर्च कंपनी कंतार आईएमआरबी (Market research company Kantar IMRB) की मीडिया एंड डिजिटल के प्रबंध निदेशक हेमंत मेहता ने कहा, "यह देखना सुखद है कि डिजिटल क्रांति अब छोटे कस्बों और गांवों में भी फैल रही है जो शायद डाटा (data) की सस्ती कीमतों पर इंटरनेट (Internet) की उपलब्धता के कारण संभव हुआ है।" भारत में मोबाइल डाटा की कीमतें दुनियाभर में सबसे सस्ती हैं। आकड़ों के अनुसार, गांवों और शहरों में पिछले साल इंटरनेट यूजर्स की संख्या में वृद्धि के मामले में बिहार 35 फीसदी वृद्धि के साथ सबसे ऊपर रहा। यही कारण है कि देश में इंटरनेट यूजर्स (Internet users) की संख्या बढ़ी है।
भारत में इंटरनेट उपयोग (Internet users) करने के मामले में लिंग असमानता की खाई कम हुई है और महिलाएं देश में कुल इंटरनेट उपयोग का 42 फीसदी उपयोग करती हैं और वे इंटरनेट (Internet) पर पुरुषों के बराबर समय देती हैं।
ब्रिटेन वेबसाइट cable.co.uk की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1 GB मोबाइल डाटा की औसत कीमत 0.26 डॉलर (करीब 18.5 रुपये) है, जबकि ब्रिटेन में यह औसत 6.66 डॉलर (470 रुपये) और अमेरिका में 12.37 (875 रुपये) डॉलर है। कंपनी ने ये आंकड़े 230 देशों में मोबाइल इंटरनेट (mobile Internet) की दर का आकलन करके जारी किए हैं। दुनियाभर में 1 GB मोबाइल इंटरनेट (Internet) का एवरेज प्राइस 8.53 डॉलर (करीब 630 रुपये) है। वहीं मोबाइल इंटरनेट की दर सबसे महंगी जिम्बाब्वे में है, यहां पर 1 GB के लिए 75.20 डॉलर (करीब 5,312 रुपये) चुकाने होते हैं।
भारत में भले ही मोबाइल इंटरनेट (mobile Internet) की सबसे सस्ती दर हो, लेकिन पड़ोसी देश चीन में 1 GB मोबाइल इंटरनेट (Internet) के लिए यूजर्स को 9.89 डॉलर (करीब 698 रुपये) चुकाने होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार सस्ती दर पर मोबाइल इंटरनेट मुहैया कराने वाले शीर्ष-20 देशों में से आधे एशिया के हैं। भारत के बाद इसमें श्रीलंका, मंगोलिया, म्यांमार और बांग्लादेश का नंबर है। दक्षिण कोरिया में 1 GB मोबाइल डेटा की औसतन कीमत 15.12 डॉलर (1,067 रुपये) है।
दुनियाभर में सबसे महंगा इंटरनेट डाटा (mobile Internet) जिम्बाब्वे में है। यहां 1 GB डाटा के लिए यूजर को 75.20 अमेरिकी डॉलर (5,270 रुपये) का भुगतान करना होता है। महंगे इंटरनेट (Internet) के मामले में इक्वेटोरियल गिनी और सेंट हेलेना दूसरे और तीसरे नंबर पर है। इन दोनों ही देशों में 1 GB डाटा के लिए 50 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा (करीब 3700 रुपये) का भुगतान करना होता है। सस्ती दर की बात करें तो भारत के बाद किर्गिस्तान में सबसे सस्ता इंटरनेट है, यहां 1 GB डाटा के लिए करीब 19 रुपये देने होते हैं। वहीं कजाकिस्तान में इसके लिए करीब 34 रुपये देने होते हैं।
भारत में रिलायंस जियो (Reliance Jio) के आने से पहले मोबाइल इंटरनेट (mobile Internet) की दरें महंगी थी। भारतीय बाजार में रिलायंस जियो (Jio) ने 5 सितंबर 2016 को अपनी सर्विस शुरू की। इसके बाद इंटरनेट (Internet) की दर में रिकॉर्ड कमी हुई। इससे पहले भारतीय बाजार में 1 GB 3जी डाटा के लिए औसतन 250 रुपये देने होते थे। 2G के लिए भी उस समय करीब 100 रुपये खर्च करने पड़ते थे। रिलायंस जियो (Reliance Jio) के आने के बाद अन्य कंपनियों को भी डाटा के रेट कम करने पड़े।
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