सीमेंट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में सीमेंट कंपनियों ने सीमेंट के दाम बढ़ाए। GST लागू होने के बाद पहली बार पिछले महीने सीमेंट की कीमतों में बड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिली। CRISIL रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के आखिरी सप्ताह में सीमेंट की कीमतों में जनवरी की समान अवधि के मुकाबले 25 रुपये प्रति बोरी (50 किलो) तक की औसत बढ़ोत्तरी देखी गई।

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इस बढ़ोत्तरी से सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स की ऑपरेटिंग प्रोफिटेबिलिटी को प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक सीमेंट की गिरती कीमतों और बढ़ती डिमांड के कारण मैन्युफैक्चरर्स मौजूदा तिमाही यानी जनवरी-मार्च में मार्जिन्स में 200-250 bps का सालाना सुधार दर्ज करेंगे।

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कीमतें बरकरार रहना अनिश्चित

बता दें कि क्रिसिल रिसर्च के सीनियर डायरेक्टर प्रसाद कोपरकर ने कहा कि सीमेंट की कीमतों का इस तिमाही के बाद बरकरार रहना अनिश्चित लग रहा है। इसकी वजह है कि डिमांड की रफ्तार अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आगामी चुनावों के चलते कम होती दिख रही है। हालांकि कीमतों में कटौती के बावजूद भी इस बड़ी वृद्धि के चलते वित्त वर्ष 2020 में प्राइस ग्रोथ 3-5 फीसदी रहेगी।

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वहीं इस बीच इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च द्वारा की गई एक स्टडी में कहा गया कि देश के सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स को सीमेंट की बढ़ती डिमांड से फायदा हो सकता है। घर बनाने, सस्ते घर, रोड और इरीगेशन सेक्टर्स जैसे एंड मार्केट्स में सीमेंट की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।

वहीं दूसरी तरफ बता दें कि जीएसटी कलेक्शन में जनवरी के मुकाबले फरवरी के महीने में कमी देखने को म‍िली। गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार को झटका लगा है। दरअसल फरवरी में GST कलेक्शन घटकर 97,247 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले महीने यानी जनवरी में यह आंकड़ा 1.02 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस बात की जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों में ये बातें सामने आई हैं।

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जनवरी में 73.3 लाख रिटर्न फाइल

हालांकि जनवरी महीने के लिए 28 फरवरी तक फाइल किए गए सेल्स रिटर्न या जीएसटीआर-3 बी (GSTR- 3B) की संख्या और कंप्लायंस में सुधार दर्ज किया गया है, जो 73.48 लाख के स्तर पर पहुंच गई। वहीं जनवरी में 73.3 लाख रिटर्न फाइल किए गए थे।