यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के ल‍िए अच्‍छी खबर है। जी हां आपको बता दें कि संध लोक सेवा आयोग यूपीएससी की परीक्षा के लिए आवेदन 19 फरवरी से शुरु हो गये हैं। इस साल यूपीएससी 896 सीटों पर यह परीक्षा करायेगी।

Advertisement

आपको इस बात की भी जानकारी दे क‍ि इसके साथ ही आयोग का एक और बड़ा फैसला आया हैं कि इस वर्ष की परीक्षा में सवर्ण गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण द‍िया जायेगा। इसके अलावा SC,ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए पहले की तरह आरक्षण लागू होगा।

Advertisement

वहीं दूसरी तरफ इसके अलावा दिव्यांगों के लिए भी पद आरक्षित होंगे। प्रीलिमिनरी परीक्षा 2 जून को आयोजित की जाएगी। मुख्य परीक्षा 29 सितंबर को आयोजित होगी। इसके लिए आवेदन 18 मार्च तक किया जा सकता है।

89 सीटें गरीब सवर्णों के लिए आरक्षित

जैसा की हम जानते हैं कि हाल ही में सरकार ने फैसला लिया था कि गरीब सवर्णों को आरक्षण दिया जाएगा। इस फैसले को सिविल सर्विसेज परीक्षा में भी लागू किया जाएगा। 10 फीसदी आरक्षण के हिसाब से 89 सीटें गरीब सवर्णों के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इसमें से 18 सीटें IAS की होंगी। वैकेंसीज और आरक्षित सीटों की कुल संख्या परीक्षा के परिणामों के साथ जारी की जाएगी। जनरल कैटेगरी के गरीब उम्मीदवारों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के सिर्फ छह मौके मिलेंगे।

Advertisement

39 सीट आरक्षित होंगे दिव्‍यांगों के ल‍िए

हालांकि बता दें कि Rights of Persons with Disabilities Act 2016 के तहत 40 फीसदी डिसएबिलिटी वाले उम्मीदवारों के लिए 39 फीसदी सीट आरक्षित रहेंगी। इनका बंटवारा ऐसे होगा।

दृष्टिहीनता और कम दृष्टि वाले उम्मीदवारों के लिए 8 सीटें, जबक‍ि बधिर उम्मीदवारों के लिए 11 रिक्तियां, वहीं सेरेब्रल पाल्सी, ड्वार्फ, एसिड अटैक विक्टिम, लेप्रोसी क्योर्ड और मस्क्युलर डिस्ट्रोफी वाले चलने में अक्षाम उम्मीदववारों के लिए 15 पद, तो मल्टीपल डिसेबिलिटी वाले उम्मीदवारों के लिए 5 पद दिये जायेंगे।

Advertisement

इंटरव्‍यू में सलेक्‍शन नहीं के बाद भी सरकारी नौकरी द‍िलाने की योजना

दूसरी तरफ आपको इस बात से रूबरू करा दें कि इससे पहले आयोग ने ऐलान किया था कि वह ऐसी योजना पर काम कर रहा है जिसके तहत IAS के इंटरव्यू में फेल हुए उम्मीदवारों को दूसरी सरकारी नौकरी मिल सके। इसके लिए आयोग ने केंद्र से सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू में फेल होने वाले आवेदकों को भर्ती करने की सिफारिश भी की थी।

Advertisement

दरअसल हर साल तकरीबन 11 लाख उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। विभिन्न चरणों की प्रक्रिया के बाद सिर्फ 600 उम्मीदवारों का चयन हो पाता है। ऐसे में अगर यह योजना अमल में आ जाती है तो लाखों उम्मीदवारों को इससे राहत मिलेगी। जो कि वाकई युवाओं के ल‍िए काफी मददगार साब‍ित होगा।