नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को 9 साल बाद किसानों (farmer) की दिक्कतें याद आई हैं। गुरुवार को हुई रिजर्व बैंक की मॉनिटरिंग की बैठक में फैसला लिया गया है कि अब किसानों (farmer) को 1.6 लाख रुपये का कर्ज बिना गारंटी के दिया जाएगा। अभी ऐसे लोन की लिमिट 1 लाख रुपये थी। किसानों के लिए यह सीमा आज से 9 सााल पहले तय की गई थी। तब से महंगाई रह साल बढ़ती रही, लेकिन आरबीआई ने किसानों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया था।

Advertisement

नए गवर्नर की अध्यक्षता में पहली बैठक
आरबीआई (RBI) के नए गवर्नर शक्तिकांत दास (rbi governor shaktikanta das) की अध्यक्षा में यह मानिटरिंग कमेटी की पहली बैठक थी। इस बैठक में जहां अगस्त 2017 के बाद पहली रेपो रेट को 0.25 फीसदी का फैसला हुआ वहीं किसानों (farmer) के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। अब देश के किसान (farmer) बैंकों से 1.6 लाख रुपये तक का कर्ज बिना गारंटी के ले सकेंगे। इस फैसले के बाद किसानों से 1.6 लाख रुपये तक के लोन के लिए अब गारंटी नहीं मांग सकेगे।

Advertisement

9 साल पहले का फैसला बदला
आरबीआई (RBI) ने कहा है कि 2010 में किसानों (farmer) के लिए एक लाख रुपए तक बिना गारंटी के कृषि ऋण की सीमा तय की गई थी। इस दौरान बढ़ी महंगाई और कृषि लागत के मद्देनजर इस सीमा को बढ़ाकर एक लाख 60 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। आरबीआई ने बताया कि वह जल्द ही इस संदर्भ में एक सर्कुलर जारी करेगा। इससे औपचारिक ऋण प्रणाली में छोटे तथा सीमांत किसानों (farmer) की भागीदारी बढ़ेगी। वहीं किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार लोन भी मिल सकेगा। इस प्रकार करीब 9 साल बाद किसानों के हित में आरबीआई ने कोई बड़ा फैसला लिया है।

Advertisement

कार्य समूह का भी गठन
आरबीआई (RBI) ने कहा है कि पिछले वर्षों में कृषि ऋण की मांग अच्छी रही है, लेकिन इसके बाद भी किसानों (farmer) को लेकर कुछ समस्याएं हैं। मसलन, क्षेत्रीय असमानता तथा इसका दायरा। इन समस्याओं के अध्ययन तथा समाधान और इनसे जुड़े नीतिगत सुझावों के लिए आरबीआई की भीतर एक कार्य समूह का गठन किया है।

Advertisement

आरबीआई (RBI) मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की प्रमुख बातें
-RBI ने रेपो रेट घटाकर 6.25 फीसदी किया।
-आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट कम करने के फेवर में किया वोट।
-वित्तवर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान 7.4 फीसदी का जताया।
-CPI को लेकर कहा कि यह जनवरी से मार्च 2019 तक 2.4 फीसदी पर और अप्रैल से लेकर सितंबर 2019 तक यह 3.2 से लेकर 3.4 फीसदी तक रह सकती है।
-आरबीआई गवर्नर ने बजट प्रस्तावों से एग्रीकल्चर डिमांड बढ़ने की उम्मीद जताई।
-NBFC को लोन को लेकर आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि रिस्क वेटेज को रेटिंग से जोड़ें।

Advertisement