आम बजट से पहले नरेंद्र मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेगी। उम्‍मीद किया जा रहा हैं कि इस बजट में क‍िसानों और मध्‍यम वर्ग के लोगों को कुछ तो राहत मिलेगी। सूत्रों के अनुसार इसमें आयकर छूट सीमा बढ़ाने, गरीबों के ल‍िए न्‍यूनतम आम योजना और क‍िसानों के ल‍िए सहायता पैकेज सहित कई तरह की लोक लुभावन घोषणायें की जा सकती है।

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हालांकि बता दें कि आगामी बजट सत्र के दौरान मात्र चार माह के लेखानुदान को ही मंजूरी दी जायेगी। बता दें कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली नई सरकार ही पूर्ण बजट पेश करेगी।

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इस बात से अवगत करा दें कि बजट को लेकर इससे पहले उस समय भ्रम की स्थिति बन गई थी जब वाणिज्य मंत्रालय ने मीडिया को भेजे एक व्हॉट्सएप संदेश में, 2019-20 के बजट को अंतरिम बजट न बताकर इसे 2019-20 के आम बजट के तौर पर बताया। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट करते हुये कहा कि यह अंतरिम बजट ही होगा।

अंतरिम बजट ही होगा पेश

यह बात भी बि‍लकुल सच हैं कि राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर भ्रम की स्थिति बन गई कि सरकार आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करने की परंपरा से हटकर पूर्ण बजट पेश कर सकती है।

इतना ही नहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुये कहा कि वह भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार द्वारा "पूर्ण बजट" पेश करने का संसद के अंदर और बाहर दोनों स्तर पर विरोध करेगी क्योंकि यह कदम संसदीय परंपरा के खिलाफ होगा।

 

मई अंत तक गठन हो सकता नई सरकार का

बता दें कि बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलने की उम्मीद है। अप्रैल, मई में आम चुनाव होने हैं। मई अंत तक नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे का बजट अनुमान जीडीपी का 3.3 प्रतिशत रखा है।

माना जा रहा है कि अप्रत्यक्ष कर वसूली उम्मीद के अनुरूप नहीं होने और विनिवेश लक्ष्य पूरा नहीं होने के चलते घाटा लक्ष्य से ज्यादा रह सकता है।

 

2019 बजट हो सकता हैं किसान केंद्रित

बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से ग्रामीण संकट प्रमुख प्रेशर पॉइंट बनकर उभरा है। 6 राज्यों में चुनाव और आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए 2019 का अंतरिम बजट किसान केन्द्रित बजट हो सकता है।

हालांकि मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजट में किसानों के लिए इनकम सपोर्ट प्रोग्राम की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा कम ब्याज दरों पर एग्री क्रेडिट फ्लो में बढ़ोत्तरी जैसे उपाय भी संभव हैं।

 

टैक्‍स ड‍िड‍क्‍शन की सीमा बढ़ाई जा सकती

मिडिल क्लास के लोगो को जानकर खुशी होगा कि इस बजट में उनके ल‍िए कुछ राहत भरे फैसले होने की उम्मीद है। खासकर सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स से छूट वाली आय की लिमिट को बढ़ाकर डबल यानी 3 लाख से 5 लाख कर दिया जाना।

इसके साथ ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन की सीमा को भी 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किया जा सकता है।

 

आयुष्‍मान भारत के ल‍िए ज्‍यादा एलोकेशन का प्रस्ताव

इस बात की जानकारी म‍िली हैं कि हेल्थकेयर सेक्टर के लिए भी कुछ घोषणाएं होने की उम्मीद है। पिछले बजट में सरकार का फोकस मोदी​ केयर यानी आयुष्मान भारत योजना पर था।

इस​ साल सरकार इस स्कीम के लिए ज्यादा एलोकेशन का प्रस्ताव रख सकती है और हेल्थकेयर व प्रिवेंटिव चेकअप्स के लिए टैक्स बेनिफिट को बढ़ा सकती है।