केंद्र की मोदी सरकार आगामी बजट सत्र (Budget 2019) में इंश्योरेंस सेक्टर को बड़ी राहत देने जा रही है। इस बार के बजट में सरकार इंश्योरेंस सेक्टर में कुछ ऐसे बदलाव करने जा रही है , जिससे इसका लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिल सकेगा।
सरकार की इस पहल से न केवल उनकी सोशल सिक्योरिटी में इजाफा होगा , बल्कि उन्हें टैक्स में छूट का भी फायदा मिलेगा। जानकारी के अनुसार , अभी आप जो भी insurance लेते हैं उस पर आपको 18 फीसदी की दर से GST लगता है। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , सरकार जल्द ही जीएसटी की दरों में कटौती का सुझाव जीएसटी काउंसिल को देने वाली है।
अभी तक इनकम टैक्स में सेक्शन 80C के तहत 1.50 लाख रुपए की छूट मिलती है। इसमें LIC, टर्म इंश्योरेंस और अन्य इंश्योरेंस शामिल होते हैं। लेकिन आने वाले बजट 2019 में सरकार टर्म इंश्योरेंस के लिए एक अलग कवर सुनिश्चित कर सकती है, जिसके तहत आपको 1.50 लाख रुपए के अतिरिक्त छूट मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर जब सरकार ने NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम लॉन्च की, तब इसमें 80CCD के तहत अलग से 50 हजार रुपए की छूट का प्रावधान किया गया। सूत्रों के मुताबिक, ठीक उसी तरह टर्म इंश्योरेंस में भी सरकार टैक्स में छूट के लिए अलग से प्रावधान कर सकती है।
आपको इस बात से अवगत करा दें कि फिलहाल आप जितने भी इंश्योरेंस लेते हैं, उनमें आपको 18% की दर से GST लगता है। वहीं सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही हर तरह के इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर GST की दरें घटा सकती है। हालांकि, GST की दरें घटाने का फैसला GST काउंसिल में होगा लेकिन सरकार काउंसिल को ये सुझाव जल्द दे सकती है।
आप इस बात से पूरी तरह अवगत होंगे कि अभी आप जिन कंपनियों में काम करते हैं उनमें से कुछ कंपनियां आपको इंश्योरेंस पॉलिसी का फायदा देती हैं और प्रीमियम आपकी सैलरी से ही जाता है। लेकिन कुछ कंपनियां कर्मचारियों को इंश्योरेंस देने से बचती हैं।
ऐसे में सरकार हर कंपनी के लिए ये अनिवार्य कर सकती है कि सभी कर्मचारियों को इंश्योरेंस का कवर मिले और इसकी अंतिम जिम्मेदारी उस कंपनी की होगी, जहां कर्मचारी काम कर रहा है।
जैसा की आप सब जानते है कि होम लोन लने से आपको उसमें टैक्स(Tax) की छूट मिलती है। लेकिन जब भी होम लोन लिया जाता है, बैंक या लोन देने वाली कंपनी आपसे, अपने पैसे सिक्योर(secure) करने के लिए होम लोन इंश्योरेंस कराने के लिए कहती है।
अब तक इस होम लोन इंश्योरेंस की राशि पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती, लेकिन सूत्रों से जानकारी मिली है कि होम लोन इंश्योरेंस पर भी आप टैक्स छूट क्लेम कर सकेंगे।
आपको इस बात की जानकारी दे कि कर्ज के बोझ तले दबी सभी सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का मर्जर हो सकता है। यूनाइटेड इंडिया(United India), ऑरिएंटल(Oriantal) और नेशनल इंश्योरंस(National Insurance) की सेहत खराब है इसलिए सरकार इनमें पूंजी डालने के बाद इनके मर्जर की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक एक बार मर्जर हुआ तो सरकार उस कंपनी को मार्केट में लिस्ट कराएगी, ताकि उसकी लगाई गई पूंजी वापस मिल सके।
इस बात में तनीक भी संदेह नहीं हैं कि सरकार की आयुष्मान भारत योजना को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। बजट 2018 में Ayushman Bharat की घोषणा की गई थी। पिछले बजट में सरकार ने इसके लिए 1,200 करोड़ आवंटित किए थे।
सूत्रों के मुताबिक इस बजट में सरकार इस बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर 2 हजार करोड़ रुपए कर सकती है। आपको बता दें कि अब तक तक लगभग 7 लाख लोग इस स्कीम का फायदा उठा चुके हैं।
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना(Ayushman Bharat Yojna) लॉन्च तो कर दी, लेकिन इससे इंश्योरेंस कंपनियों पर बोझ बढ़ गया। अब आयुष्मान भारत स्कीम में जैसे-जैसे लोग जुड़ेंगे कंपनियों पर वित्तीय बोझ और बढ़ेगा।
ऐसे में सरकार चाहती है कि जिन कंपनियों की हालत खराब है, उनमें 3 से 4 हजार करोड़ रुपए की पूंजी डाली जाए। सूत्रों के मुताबिक इसका ऐलान भी आने वाले बजट में किया जा सकता है।
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