पेट्रोलियम से दूरसंचार कारोबार तक में मजबूत पैठ रखनी वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज एक एकीकृत ऊर्जा कंपनी से चीन की कंपनी अलीबाबा की तरह उपभोक्ता क्षेत्र की दिग्गज कंपनी में तब्दील हो रही है। वह संभवत: अमेजन और वॉलमार्ट जैसी कंपनियों के लिए प्रतिद्वंद्वी बन सकती है। इस बात की जानकारी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस के द्वारा दी गयी है।

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पेश करने की योजना पर काम कर रही है जो कि 6,500 शहरों और कस्बों में फैले उसकी खुदरा इकाई के करीब 10,000 स्टोरों को जोड़ेगा। इसके साथ ही कंपनी के दूरसंचार कारोबार का विस्तार भी बढ़ रहा है। रिलायंस के पास पहले ही 28 करोड़ उपभोक्ता हैं।

Advertisement

र‍िलायंस इंडस्‍ट्रीज ल‍िम‍िटेड दूरसंचार और मीड‍िया क्षेत्र में द‍िग्‍गज कंपनी बन सकती है। जबक‍ि खुदरा/ ई कॉमर्स क्षेत्र में उसकी हिस्‍सेदारी में महत्‍वपूर्ण वृद्ध‍ि हो रही है।

यूबीएस ने कहा कि उसकी सफलता एक पारिस्थितिकी तंत्र या सस्ती दरों पर सेवाएं और वस्तुएं बेचने की रणनीति और घरेलू कंपनी होने के फायदे पर आधारित हो सकती है। वह ठीक उसी प्रकार सफल हो सकती है जैसे बिना किसी स्पष्ट और निहित नीतिगत समर्थन के अलीबाबा चीन में सफल हुई थी।

Advertisement

उसने कहा कि रिलायंस को 'घरेलू' कंपनी होने का फायदा भी मिला है। भारत में अब बहुत अधिक सहयोगी नीतियां हैं। भारत के ई-कॉमर्स नियमों का रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत घरेलू कंपनियों को लाभ मिलना चाहिए।

कंपनी ने दो-ढाई साल के भीतर टेलीकॉम बाजार में अपने मजबूत स्थिति दर्ज कराकर निवेशकों को चौंका दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल)(RIL)ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफे में 8.82 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है जो कि 10,251 करोड़ रुपये रही। आरआईएल (RIL)ने वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही में 9,420 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

Advertisement

बता दें क‍ि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल छोटे खुदरा विक्रेताओं के लिए जल्द ही एक नया ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म लॉन्च करेगी। इसे सबसे पहले गुजरात में लॉन्च किया जाएगा और उसके बाद देशभर में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'डेटा औपनिवेशीकरण' के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने की गुजारिश की।