एलआईसी बैंक बन गया। एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक के 82,75,90,885 शेयर को खरीद लिया है। जी हां अब आईडीबीआई बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी 51 फीसदी हो जाएगी। इसके साथ ही इस बैंक पर एलआईसी का स्वामित्व हो जाएगा। एलआईसी ने प्रति शेयर 60.73 रुपए के हिसाब से खरीदारी की है।

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आई़डीबीआई बैंक पहले ही एलआईसी को बैंक के प्रमोटर के रूप में मान्यता दे चुका है। पिछले साल 7 नवंबर को बैंक के बोर्ड की बैठक में यह मंजूरी दी गई थी। अगले एक साल में एलआईसी और आईडीबीआई के बीच सारी व्यवस्थाएं तय कर ली जाएंगी।

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बैंक की 800 शाखाओं के जरिए एलआईसी पॉलिसियां बेचेगी

अगस्‍त 2018 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एलआईसी द्वारा आईडीबीआई बैंक में कंट्रोलिंग स्‍टेक लेने को हरी झंडी दे दी थी। इक्विटी के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट और ऑपन ऑफर के जरिए एलआईसी को इस बैंक के प्रमोटर बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने दी थी।

एलआईसी भी आईडीबीआई बैंक में बड़ी हिस्‍सेदारी लेकर बैंकिंग के क्षेत्र में प्रवेश करना चाहती थी। आपको बता दें कि आईडीबीआई बैंक की 800 शाखाओं के जरिए एलआईसी अपनी पॉलिसियां बेचेगी।

 

स‍ितंबर त‍िमाही में बैंक को करोड़ रुपये का घाटा

वित्‍त वर्ष 2018-19 की सितंबर तिमाही के दौरान आईडीबीआई बैंक को 3,602.49 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इसके एनपीए का स्‍तर 31.78% यानी 60,875.49 करोड़ रुपये पहुंच गया था।

 

आरबीआई बैंक की स्थिति में सुधार में लगातार कोशिश की

जानकारी के मुताब‍िक बैंक के बैड लोन की सही तरीके से वसूली नहीं होने की वजह से बैंक के पास पूंजी की कमी होती जा रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान बैंक का एनपीए रेशियो 30.78 फीसदी था। जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 31.78 फीसदी हो गया। बैड लोन के लगातार बढ़ने से रिजर्व बैंक बैंक की स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत था।