नई दिल्ली। रकार आगामी एक फरवरी को पेश होने वाले वर्ष के बजट 2019 (Budget 2019) में कृषि ऋण के लक्ष्य को करीब 10 प्रतिशत बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है तो किसानों को अगले साल करीब 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिल सकेगा। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का लक्ष्य 11 लाख करोड़ रुपये का कृषि ऋण का है। सरकार हर साल कृषि क्षेत्र के लिए ऋण लक्ष्य बढ़ाती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार का कहना है कि बजट 19 (Budget 2019) में भी इसे बढ़ाया जाएगा। इस बात के संकेत हैं कि यह लक्ष्य करीब 10 फीसदी बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है।

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लक्ष्य से ज्यादा बंटता है एग्री लोन
सूत्रों ने कहा कि हाल के बरसों में प्रत्येक वित्त वर्ष में दिए गए एग्री लोन का आंकड़ा लक्ष्य से अधिक रहा है। उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2017-18 में किसानों को 11.68 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था, जो उस वर्ष के लिए निर्धारित 10 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से काफी अधिक था। इसी तरह, वित्त वर्ष 2016-17 में 10.66 लाख करोड़ रुपये के फसली ऋणों का वितरण किया गया, जो 9 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण लक्ष्य से कहीं अधिक था।

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सरकार देती है सस्ता कर्ज
कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरीके से मदद करती है। इसमें एक तरीका किसानों को सस्ता कृषि उपलब्ध कराना भी है। सूत्रों ने कहा कि संस्थागत ऋण मिलने पर किसानों को गैर-संस्थागत स्रोतों से कर्ज नहीं लेना पड़ता है। इससे किसान साहूकारों के कर्ज के जाल से बच जाता है।

कैसे मदद करती है सरकार
सरकार किसानों को 7 फीसदी प्रति वर्ष की प्रभावी दर पर तीन लाख रुपये तक का अल्पकालिक कृषि ऋण सुनिश्चित कराने के लिए दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देती है। किसानों द्वारा समय पर कर्ज भुगतान की स्थिति में तीन फीसदी का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाता है। इस तरह किसानों को प्रभावी ब्याज दर में चार प्रतिशत की राहत मिल जाती है। अगर इस बजट 2019 (Budget 2019) में ऐसा प्रस्ताव आया तो किसानों को काफी सुविधा होगी।