देश का रियल एस्टेट सेक्टर धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। जी हां रियल एस्टेट की कीमतें घटने और लॉन्च बढ़ने के बावजूद भारत का प्रॉपर्टी बाजार 2018 में कुछ खास कमाल नहीं कर पाया।
रियल एस्टेट एडवाइजरी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में देश के 8 बड़े शहरों में घरों की कुल बिक्री में 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 2.4 लाख फ्लैट या मकान बिना बिके ही रह गए।
वहीं एनसीआर, मुंबई, बंगलौर, चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों में बिक्री बढ़ी है। दूसरी तरफ कोलकाता और पुणे जैसे बाजारों में बिक्री घटी है। नाइट फ्रैंक इंडिया ने आज अपनी प्रमुख छमाही रिपोर्ट 'इंडिया रियल एस्टेट' के 10 वें संस्करण को लॉन्च किया।
रिपोर्ट में जुलाई-दिसंबर 2018 (एच 2 2018) की अवधि के लिए आवासीय (आठ प्रमुख शहरों में) और ऑफिस (सात प्रमुख शहरों में) में बाजार के प्रदर्शन का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
आपको बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर में आवासीय बाजार में कम टिकट के आकार और किफायती यानि सस्ते घरों की मांग में सुधार हुआ, खासकर ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में काफी मांग देखी गई है।
कुल मिलाकर, किफायती आवास और कम मूल्य आकार की घरों को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल देखा गया। कमर्शियल वर्ग में को-वर्किंग की अगुवाई में मांग में अच्छा सुधार दर्ज किया गया।
हालांकि एनसीआर में नए प्रोजेक्ट लॉन्च यूनिटस की संख्या में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं नए लॉन्च में से 75 फीसदी यूनिटस को अकेले गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में हुए। एनसीआर में बिक्री में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ सुधार हुआ।
पिछले साल के मुकाबले देश में घरेलू मकान प्रोजेक्ट लॉन्चिग 75 फीसदी बढ़ी। बाजार में 1.8 लाख नए मकान जुड़े। कुल लॉन्च में से 60 फीसदी मकान 50 लाख रुपए से कम के हैं। मुंबई में लगातार दूसरे साल भी दाम गिरे। हैदराबाद में कीमतों में औसत 7 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
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