ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए यह एक जरुरी सूचना है। अब जल्‍द ही आपको ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान अपना आधार नंबर भी देना होगा। साथ ही हर आधार नंबर पर सिर्फ 5000 रुपए तक के इंपोर्टेड तोहफे मंगवाए जा सकेंगे। मनी भास्‍कर की रिर्पोट के अनुसार केंद्र सरकार विदेश से आने वाले सामान को जांच के दायरे में लाने की तैयारी में हैं। खासतौर से चीन से आने वाले कंसाइनमेंट्स सरकार की नजर में हैं।

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एक आधार नंबर पर सिर्फ 5 हजार रुपए तक गिफ्ट

चीनी ई-कॉमर्स कंपनियां कस्‍टम ड्यूटी और कई तरह के टैक्‍स से बचने के लिए अपने सामान को गिफ्ट के तौर पर भारत में भेज रही थीं। ऐसे में सरकार योजना बना रही है कि एक आधार कार्ड पर ई-कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म और अप्‍लीकेशंस से सिर्फ 5 हजार रुपए तक के इंपोर्टेड गिफ्ट मंगाए जा सकेंगे।

केवाईसी प्रक्रिया के बाद होगी सहुलियत

मनी भास्‍कर ने अपनी रिर्पोट में आगे बताया कि वाणिज्‍य मंत्रालय के अनुसार इस 5 हजार रुपए के इंपोर्टेड गिफ्ट मंगाने के लिए आधार कार्ड अकेला विकल्‍प नहीं है। ग्राहक किसी भी तरीके से केवाईसी पूरा करके विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों से इंपोर्टेड गिफ्ट मंगवा सकेंगे।

संदेहास्‍पद गतिविधि को रोकने की पहल

डिपार्टमेंट ऑफ इंस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (DIPP) ने रिवेन्‍यु विभाग से मांग की थी कि वह गिफ्ट के तौर पर आने वाले कंसाइनमेंट की सोर्श लोकेशन का पता लगाएं, जिससे किसी तरह की संदेहास्‍पद गतिविधि को पहले ही रोका जा सके।

चीनी कंपनियां ले रही थीं मुनाफा

दरअसल चीनी कंपनियां अपना माल बेहद सस्‍ते दामों पर भारत में बेचती थीं, क्‍योंकि वे अपना माल गिफ्ट के तौर पर भेजती थीं। ऐसे में उन्‍हें कस्‍टम ड्यूटी नहीं देनी पड़ती थी। इस वजह से भारतीय रिटेलर्स का सामान लोग कम खरीद रहे थे और चीनी कंपनियां मुनाफा काट रही थीं। इन साइट्स पर मिलने वाला सामान न सिर्फ भारतीय ई-कॉमर्स साइट्स से 50-60 प्रतिशत सस्‍ता है, बल्कि सरोजिनी नगर जैसे बाजारों की तुलना में भी काफी सस्‍ता रहता है।