कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की आईसीआईसीआई बैंक से संबद्ध छह कंपनियों के बही-खातों की जांच काफी आगे बढ़ चुकी है। इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा दी गयी। वहीं मंत्रालय ने 23 अप्रैल को न्यू पावर रिन्यूबल्स समेत 6 कंपनियों की जांच करने के आदेश दिए थे।
वीडियोकॉन ग्रुप को परस्पर लाभ के आधार पर कर्ज देने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर और उनके परिवार के सदस्यों के शामिल होने के आरोप हैं। यह आरोप है कि वीडियोकॉन ने न्यू पावर रिन्यूबल्स में निवेश किया। यह कंपनी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की है।
वहीं मामले में विवाद बढ़ने के बाद चंदा कोचर बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पद से अक्टूबर में हट गई थी।
आईसीआईसीआई विवाद से जुड़ी छह कंपनियों की जांच के बारे में पूछे जाने पर कॉर्पोरेट कार्य मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा कि यह काम काफी आगे बढ़ चुका है। हांलाकि ये जांच क्षेत्रीय निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) कंपनी कानून, 2013 की धारा 206 (5) के तहत कर रहे हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि क्षेत्रीय निदेशक जांच पूरी कर ली है। उन्होंने उनके बयान ले लिए जिनके उन्हें लेने थे। संभवत: वह रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। धारा 206 के तहत सूचना मांगने, बही-खातों की जांच करने के अधिकार दिये गये हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान