दो दिन पहले दिल्‍ली के डॉक्‍टर्स ने 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ाने की जो मांग की थी, वह पूरी हो गई है। दरअसल सरकार ने सरकारी अस्‍पतालों के डॉक्‍टरों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही सरकारी डॉक्‍टरों को पिछले तीन महीने का बढ़ा हुआ वेतन भी अब एक साथ दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि दिल्‍ली में सरकारी डॉक्‍टरों ने अपनी मांगों को लेकर 19 दिसंबर से हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। जीटीबी, एमएएमसी, अंबेडकर, डीडीयू और संजय गांधी मेमोरियल अस्‍पताल के रेजीडेंट डॉक्‍टरों ने सातवें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी में वृद्धि करने की मांग रखी थी, जिस पर अब सरकार ने सकारात्‍मक आश्‍वासन दिया है।

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फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्‍टर्स एसोशिएसन (FORDA)के अध्‍यक्ष ने कहा है कि आज दिल्‍ली सरकार के अस्‍पतालों के रेजिडेंट डॉक्‍टरों के लिए यह एक अच्‍छा दिन था। संबंधित अधिकारियों के साथ कई बैठकें बिना किसी उपयोगी परिणाम के 19 दिसंबर को स्‍ट्राइक की मांग करने के लिए, हमने उपयुक्‍त परिणाम प्राप्‍त कर लिया है।

नई मंजूरी के बाद लोक नायक अस्‍पताल के सभी रेजीडेंट डॉक्‍टरों को भी 7वां वेतन आयोग लागू किया गया है और निवासी डॉक्‍टरों के वेतन को उसी के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। मंजूरी के अनुसार लोक नायक अस्‍पताल के सभी निवासी डॉक्‍टरों को 1 जनवरी 2016 से 7वें सीपीसी की सिफारिशों के अनुसार संशोधित वेतन मिलेगा और सभी रेजिडेंट्स को 36 महीने का एरियर भी दिया जाएगा।