सरकार का कहना हैं क‍ि सार्वजन‍िक क्षेत्र के बैंकों के 7500 से अधिक बकायेदारों पर 93 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि है। बैंकों ने इन्‍हें इरादतन चूककर्ता के रुप में च‍िन्हित करते हुए इनमें से 185 बकायेदारों पर 100 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने की जानकारी दी है।

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बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। कांग्रेस के विवेक तन्खा के सवाल के जवाब में जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूचना के आधार पर बताया।

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वहीं सितबंर 2017 को खत्म हुई तिमाही के संबंध में इस साल सात दिसंबर तक की स्थिति के अनुसार 7562 कर्जदारों को कर्ज न चुकाने वाले इरादतन चूककर्ताओं के रूप में चिन्हित कर इन पर 93355.32 करोड़ रुपये बकाया राशि होने की जानकारी दी है।

100 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले 185 बकायेदारों

हांलाकि जेटली ने भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई से इस बारे में मिले आंकड़ों के आधार पर बताया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले 185 बकायेदारों पर 42978.78 करोड़ रुपये बकाया राशि है।

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आरबीआई ने सूचित किया है कि एक करोड़ रुपये या इससे अधिक राशि के वाद दायर चूककर्ताओं तथा 25 लाख और इससे अधिक राशि के वाद दायर इरादतन चूककर्ताओं की सूची ऋण सूचना कंपनियों की वेबसाइट पर डाल कर दी गयी है।

इतना ही नहीं इसके अलावा 500 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बकायेदारों की सूची सीलबंद ल‍िफाफे में उच्चतम न्‍यायालय को इस अनुरोध के साथ मुहैया करा दी गयी है।

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हांलाक‍ि यह गोपनीय जानकारी है इसल‍िये इसे सार्वजन‍िक न क‍िया जाये। जेटली ने सरकारी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस साल 30 सितंबर तक इरादतन चूककर्ताओं के विरूद्ध 257 प्राथिमिकी दर्ज कर इनसे वसूली के लिये 9363 वाद दायर किए गए।