सरकार ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि मार्च 2018 में पूरे देश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ के कॉन्ट्रीब्यूटर्स की कुल संख्या 47 करोड़ 13 लाख 6 हजार 381 थी।
जिस दौरान लोकसभा सदस्यों अनिल शिरोले, प्रभुभाई नागरभाई वसावा और जॉर्ज बेकर के सवाल के लिखित जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार ने सदन में यह जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर के साथ जोड़ते हुए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यूएएन का आवंटन अक्टूबर 2014 में आरंभ किया गया था।
अब तक 14.41 करोड़ यूएएन आवंटित
बता दें कि गंगवार का कहना हैं कि अब तक 14.41 करोड़ यूएएन आवंटित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं 5.5 करोड़ यूएएन आधार के साथ जोड़े गए हैं ताकि सदस्यों को इफीशिएंट ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जा सकें।
ये भी उठाए गए हैं कदम
गंगवार ने कहा कि यूएएन का आवंटन और इसे आधार से जोड़ने का काम एक सतत प्रक्रिया है। इपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों को केवाईसी के विवरण में बदलाव के लायक बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आगे कहा कि जागरुकता शिविर आदि आयोजित करके केवाईसी विवरण को अपडेट करने में सदस्यों की सहायता के लिए ऑफिस परिसर में सुविधा-केन्द्र मुहैया कराए गए हैं। ऐसा इसलिए ताकि आधार से यूएएन जोड़ने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया गया है।
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