मोबाइल नंबर पोर्ट कराना आसान हो गया है। टेलीकॉम नियामक ट्राई ने लोगों की सुविधा के लिए पोर्टिंग के नियमों में कई बदलाव किए हैं। उसने गुरुवार को नए नियमों का एलान कर दिया है।
अब एक ही सर्किल के अंदर नंबर पोर्ट कराने में सिर्फ दो दिन का समय लगेगा। एक से दूसरे सर्किल में मोबाइल नंबर पोर्ट कराने में चार दिन का समय लगेगा। पहले इसमें एक हफ्ते का समय लग जाता था।
यूजर्स कई वजहों से अपना मोबाइल नंबर पोर्ट कराने का फैसला ले सकता है। कई बार कंपनी की सेवा खराब होने पर यूजर्स दूसरी कंपनी की सेवा लेने के लिए अपना नंबर पोर्ट कराते हैं।
वहीं कई बार नौकरी में ट्रांसफर या दूसरी वजहों से शहर बदल जाने पर यूजर अपना नंबर पोर्ट कराता है। यह पोर्टिंग एक सर्किल से दूसरे में हो सकता है। यूजर कई बार सिर्फ अपना सर्किल बदल लेता है। उसे सेवा देने वाली कंपनी में बदलाव नहीं होता है। पोर्टिंग का फायदा यह है कि इसमें सेवा देने वाली कंपनी या सर्किल बदलने पर भी आपका मोबाइल नंबर नहीं बदलता है।
हांलाकि बता दें कि ट्राई के नए नियमों के मुताबिक, पोर्टिंग का आवेदन गलत कारणों से खारिज होने पर मोबाइल सेवा कंपनी पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। ट्राई ने कहा हैं कि एक ही सर्किल में पोर्टिंग के लिए दो दिन का समय तय किया गया है।
एक से दूसरे सर्किल यानी इंटर-लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में पोर्टिंग के लिए चार दिन का समय लगेगा। यूनिक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) की वैधता की अवधि घटाकर 4 दिन कर दी गई है। पहले यह 15 दिन थी। नया नियम जम्मू एवं कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व को छोड़ बाकी जगहों पर लागू होगा। ट्राई ने कहा है कि इन जगहों पर कोड की वैधता के नियम पहले जैसे बने रहेंगे।
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