भारत के तमाम मध्यम वर्गीय परिवारों को आज भी शेयर बाजार, इक्विटी फंड, म्यूचुअल फंड आदि से ज्यादा भरोसा फिक्स्ड डिपॉजिट पर है, वो भी सबसे अधिक ब्याज की बात आते ही लोग पोस्ट ऑफिस के किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत योजना को ज्यादा तरजीह देते हैं। अगर आप भी उनमें से हैं और आपने भी पोस्ट ऑफिस की किसी योजना में निवेश किया है, तो आपके लिये एक जरूरी सूचना है। वो यह कि केवीपी, एनएससी, पोस्टल इंश्योरेंस, आदि जैसी स्कीम के मेच्योर होने पर आपको पैसा तभी मिलेगा, जब आपका डाक घर में बचत खाता यानी सेविंग बैंक अकाउंट होगा।
जी हां, हाल ही में इंडिया पोस्ट ने यह निर्णय लेते हुए देश भर के डाक घरों को सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के बारे में जयनगर स्थित डाकघर के अधिकारी ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि अब डाक घर की किसी भी योजना में पैसे का भुगतान चेक या पोस्टल ऑर्डर आदि के द्वारा नहीं होगा। इसके लिये धारक को पहले डाक घर में अकाउंट खोलना होगा।
कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर-
- आप अपनी तीन पासपोर्ट साइज़ फोटो, पैन कार्ड और एक एड्रेस प्रूफ लेकर निकटतम डाक घर में जायें और उनसे सेविंग बैंक अकाउंट का फॉर्म मांगें।
- फॉर्म भरकर, जमा कर दें। जितने रुपए से आपको खाता खोलना है, उनती धनराशि के साथ फॉर्म जमा कर दें।
- दो दिन के अंदर आपको डाक घर की ओर पासबुक के साथ अकाउंट नंबर प्रदान किया जायेगा। साथ ही एक एटीएम कार्ड भी।
- डाक घर में आप न्यूनतम 100 रुपए से अकाउंट खोल सकते हैं।
- फिलहाल डाक विभाग ने मिनिमम बैलेंस की कोई धनराशि तय नहीं की है। लेकिन जल्द ही डाक विभाग न्यूनतम बैलेंस की धनराशि तय कर सकता है।
नहीं! आप देश के किसी भी डाक घर में बचत खाता खोल सकते हैं। बेहतर होगा, अगर आप अपने निवास स्थान की निकटतम शाखा में अकाउंट खोलें।
अकाउंट खोलने के बाद जिस डाकघर से अपने केवीपी/एनएससी या डाक की इंश्योरेंस पॉलिसी या कोई भी स्कीम ली है, वहां भुगतान के लिये निर्धारित फॉर्म भर के जमा कर दीजिये। साथ ही अपने डाक घर में बचत खाते का अकाउंट नंबर वहां दे दें। दो दिन के भीतर पैसा आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जायेगा। जो आप चेक, एटीएम, नेटबैंकिंग, आदि से निकाल सकते हैं।
अगर आपने सुकन्या समृद्धि योजना, पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ, आदि खोल रखा है, तो उसका भुगतान भविष्य में आपके डाक घर के सेविंग अकाउंट में ही होगा।
इससे पहले यदि आप अपनी बचत योजनाओं के परिपक्व होने के बाद पैसे निकालने के लिए जाते थे तो आपको एक चेक प्रदान किया जाता था, इस चेक को ले जाकर किसी भी बैंक की शाखा जहां पर पहले से आपका खाता हो आप जमा कर सकते थे। चेक जमा होने के बाद आप निवेश की राशि यानी जो भी पैसा हो निकाल सकते थे।
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